लखनऊ में गैस किल्लत पर महासंग्राम: खाली सिलिंडर लेकर सड़क पर उतरे लोग, पुलिस से हुई तीखी झड़प
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एलपीजी गैस सिलिंडर की किल्लत अब आम जनता के धैर्य की परीक्षा ले रही है। आपूर्ति विभाग के तमाम दावों और आश्वासनों के बावजूद, जमीनी स्तर पर स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। सोमवार को गोमती नगर इलाके में उपभोक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया, जिसके बाद सैकड़ों लोगों ने देवा पैलेस स्थित भारत गैस एजेंसी के सामने खाली सिलिंडर रखकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया।
सड़क पर संग्राम और घंटों जाम
सोमवार सुबह गोमती नगर के स्थानीय निवासी और दिहाड़ी मजदूर बड़ी संख्या में गैस एजेंसी पहुंचे थे। जब उन्हें वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने सड़क के बीचों-बीच अपने खाली सिलिंडर रख दिए। इस प्रदर्शन के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दफ्तर और स्कूल जाने वाले राहगीरों के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी बहस हुई। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की, जिससे पुलिस और जनता के बीच झड़प की नौबत आ गई। गोमतीनगर कोतवाली पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने में करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
उपभोक्ताओं का दर्द: “काम छोड़कर लाइन में खड़े हैं”
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने गैस एजेंसी पर अनियमित वितरण और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि सिलिंडर बुक कराने के 5-6 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हो रही है।
- केस 1: गोमती नगर के निवासी राकेश कुमार ने बताया, “मैंने गुरुवार को सिलिंडर बुक किया था। एजेंसी ने शुक्रवार की डिलीवरी का वादा किया, लेकिन सोमवार तक चक्कर काटने के बाद भी कुछ स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है। घर में खाना बनाने का संकट खड़ा हो गया है।”
- केस 2: मजदूरी करने वाली पूजा का दर्द और भी गहरा है। उन्होंने बताया, “हम पति-पत्नी दोनों मेहनत-मजदूरी करते हैं। पिछले चार दिनों से हम काम छोड़कर एजेंसी और गोदाम के चक्कर लगा रहे हैं। अब अधिकारी केवाईसी (KYC) अधूरा होने का बहाना बनाकर हमें टरका रहे हैं।”
विभाग और एजेंसी की लापरवाही
आपूर्ति विभाग लगातार दावा कर रहा है कि गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन हकीकत में उपभोक्ताओं को रिफिल के लिए हफ़्तों इंतज़ार करना पड़ रहा है। गोमती नगर जैसे पॉश इलाके में इस तरह का प्रदर्शन विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एजेंसियों द्वारा उन लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है जो अतिरिक्त पैसे दे रहे हैं, जबकि आम गरीब आदमी लाइन में खड़ा रह जाता है।
पुलिस की कार्रवाई और आश्वासन
हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिस अधिकारियों ने एजेंसी मैनेजर से बात की और उपभोक्ताओं को आश्वासन दिया कि अगले 24 घंटों के भीतर आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। इसके बाद ही लोगों ने सड़क से सिलिंडर हटाए और जाम खोला। हालांकि, लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगे।
निष्कर्ष
लखनऊ में गैस की यह किल्लत केवल एक वितरण समस्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का संकेत है। जब तक आपूर्ति और मांग के बीच के इस अंतर को पारदर्शिता के साथ ठीक नहीं किया जाता, तब तक आम जनता का आक्रोश इसी तरह सड़कों पर दिखता रहेगा।