बलिया अग्निकांड: मां-बेटे की दर्दनाक मौत, पति ने कूदकर बचाई जान; अपनों पर ही लगा आग लगाने का आरोप
बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ गड़वार थाना क्षेत्र के चिलकहर चट्टी में एक मकान और किराना गोदाम में लगी भीषण आग में 24 वर्षीय महिला और उसके 4 साल के मासूम बेटे की जिंदा जलकर मौत हो गई। यह हादसा इतना भयावह था कि आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड को 11 घंटे से अधिक का समय लगा। घटना के बाद से मृतक महिला के ससुराल वालों पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लग रहा है।
क्या है पूरा मामला?
चिलकहर चट्टी स्थित मटिही मार्ग पर नीरज चौरसिया का मकान और किराने की दुकान है। सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात करीब 3 बजे अचानक मकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। उस वक्त नीरज, उनकी पत्नी रितिका चौरसिया (24) और पुत्र धीरज कुमार (4) कमरे में सो रहे थे। आग की लपटों से घिरे नीरज ने तो रोशनदान से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचा ली, लेकिन उनकी पत्नी और बेटा अंदर ही फंसे रह गए और उनकी जलकर मौत हो गई।
11 घंटे तक तांडव मचाती रही आग
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) भारतेन्दु जोशी ने बताया कि गोदाम में भारी मात्रा में रिफाइंड तेल, घी और अन्य ज्वलनशील किराना सामान होने के कारण आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो गया था। बलिया, रसड़ा, बांसडीह और निछुआडीह स्टेशनों से कुल 6 वाटर टेंडर और 24 जवानों ने मिलकर 11 घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई। आग इतनी भीषण थी कि फायर ब्रिगेड को पीछे की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा।
लापता ससुर और साजिश का आरोप
हादसे के समय नीरज के पिता झूलन चौरसिया (65) भी मकान में मौजूद थे, लेकिन घटना के बाद से वे लापता हैं। पुलिस ने राख के ढेर में उनकी तलाश की, लेकिन कुछ बरामद नहीं हुआ। मृतका रितिका के पिता पुरुषोत्तम चौरसिया ने संगीन आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। उनका कहना है कि यह हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है।
आरोप के अनुसार, नीरज के भाई दिलीप और माता-पिता जमीन और मकान में हिस्सेदारी को लेकर लगातार विवाद कर रहे थे। रितिका के पिता का दावा है कि ससुराल वालों ने साजिश के तहत दुकान में आग लगाई और बाहर से ताला बंद कर दिया ताकि कोई बच न सके। पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर सास, ससुर और जेठ के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
जांच के दौरान मिला खजाना
आग बुझने के बाद जब पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। जले हुए सामान के बीच पुलिस को 16 बोरियों में भरे एक, दो और पांच रुपये के सिक्के मिले। इसके अलावा भारी मात्रा में आभूषण और जले हुए नोट भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने इन सामानों को अपनी कस्टडी में ले लिया है।
पुलिस की कार्रवाई
थानाध्यक्ष हितेश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित कर दी गई है। फरार ससुर की तलाश जारी है और फोरेंसिक टीम भी साक्ष्य जुटा रही है। फिलहाल शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
निष्कर्ष
बलिया की इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। संपत्ति विवाद में एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। अब पुलिस की जांच ही साफ कर पाएगी कि यह महज एक हादसा था या वाकई एक सुनियोजित हत्याकांड।