काशी को जल्द मिलेगी सौगात: 29 करोड़ से संवरेंगे छह थाने, पांच महीने बाद दिखेगा नया स्वरूप
वाराणसी: धर्म और संस्कृति की नगरी काशी अब सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मामले में भी स्मार्ट होने जा रही है। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले छह जर्जर थानों की तस्वीर जल्द ही बदलने वाली है। उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन ने जिले के छह महत्वपूर्ण थानों के कायाकल्प के लिए ₹29.19 करोड़ का बजट आवंटित किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले पांच महीनों के भीतर, यानी अगस्त और सितंबर 2026 तक, ये थाने पूरी तरह से नए और आधुनिक स्वरूप में जनता की सेवा के लिए तैयार होंगे।
इन थानों का होगा कायाकल्प
वाराणसी के जिन छह थानों को इस योजना के तहत आधुनिक बनाया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:
- शिवपुर
- फूलपुर
- लालपुर पांडेयपुर
- मिर्जामुराद
- राजातालाब
- बड़ागांव
इन सभी थानों के पुराने और जर्जर भवनों को हटाकर अब वहां भूतल प्लस दो मंजिला (G+2) प्रशासनिक भवनों का निर्माण किया जा रहा है। प्रत्येक थाने का निर्माण लगभग 2582.77 वर्ग मीटर के विस्तृत क्षेत्रफल में किया जा रहा है।
हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा नया भवन
नए पुलिस भवनों का डिजाइन केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे भविष्य की जरूरतों और जन-सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार, इन थानों में निम्नलिखित अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी:
- जनता के लिए: विशेष विजिटर रूम और शिकायत कक्ष बनाए जा रहे हैं ताकि फरियादियों को धूप या बारिश में बाहर न बैठना पड़े।
- महिला सुरक्षा: महिला सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए अलग से महिला रेस्ट रूम और महिला हवालात की व्यवस्था की गई है।
- कार्यक्षमता: एसएचओ कक्ष, सब-इंस्पेक्टर कक्ष और हेड कांस्टेबल के लिए अलग कार्यक्षेत्र होगा। इसके अलावा, एक आधुनिक कंप्यूटर सर्वर रूम और ‘डायल 112’ के लिए समर्पित कक्ष भी बनाया जा रहा है।
- पुलिस बल की सुविधा: जवानों के लिए आरामदायक बैरक, डाइनिंग हॉल, किचन और स्टोर रूम की सुविधा होगी।
- गोपनीयता और जांच: पूछताछ के लिए विशेष ‘इंटेरोगेशन रूम’ और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक ‘मालखाना’ तैयार किया जा रहा है।
पुलिस का बढ़ेगा मनोबल
अक्सर देखा जाता है कि जर्जर भवनों और संसाधनों की कमी के कारण पुलिसकर्मियों को काम करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिसकर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। ऐसे में एक बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर न केवल उनके कार्य वातावरण को सुधारेगा, बल्कि उनके मनोबल और कार्यक्षमता में भी भारी वृद्धि करेगा।
निष्कर्ष
वाराणसी में हो रहा यह बुनियादी ढांचागत सुधार इस बात का प्रतीक है कि सरकार अब ‘पुलिसिंग’ को केवल डंडे के दम पर नहीं, बल्कि आधुनिक संसाधनों और बेहतर सेवा के माध्यम से संचालित करना चाहती है। इन नए भवनों के बनने से आम जनता और पुलिस के बीच की दूरी कम होगी और अपराधियों पर शिकंजा कसने में अधिक मदद मिलेगी। अगस्त और सितंबर 2026 तक काशी की कानून व्यवस्था एक नए कलेवर में नजर आएगी।