पालकी पर आएंगी मां दुर्गा, सुबह 6:40 से दोपहर 12:35 तक कलश स्थापना का मुहूर्त
कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2026 10:56 PM IST

हरदोई। आज से चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। शास्त्रीय मान्यता के मुताबिक, मां दुर्गा का आगमन पालकी पर होगा। नवरात्र पर कलश स्थापना के लिए सुबह 6:40 से दोपहर 12:35 बजे तक शुभ मुहूर्त है। वैसे पूरे दिन घटस्थापना की जा सकती है।
सनातन धर्म प्रचार महासभा आदित्य वाहिनी उप्र के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य सनत्कुमार मिश्र ने बताया कि बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन पालकी पर होता है। पालकी पर आगमन का संकेत है, समाज में अस्थिरता, रोग या भय की स्थिति। इस सबसे बचने के लिए नवरात्र में विशेष रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ, जप, अनुष्ठान और दान-पुण्य करना अत्यंत फलदायी माना गया है। सनातन धर्म में चैत्र नवरात्र को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है।
इसी के साथ चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होता है। इसी दिन से विक्रम संवत के नववर्ष का भी आरंभ होता है। चैत्र नवरात्र 19 से 27 मार्च महानवमी तक मनाई जाएगी। बताया कि 15 मार्च से 14 अप्रैल खरमास है। इसलिए पूरा नवरात्र पर्व खरमास में ही मनाया जाएगा। वहीं, 16 मार्च की शाम 6:15 बजे से पंचक लगे हैं जो 21 मार्च की सुबह 2:28 बजे तक रहेंगे। बताया कि यह राज पंचक माने जाते हैं और पंचकों में अपेक्षाकृत शुभ माना गया है।माता शीतला की आराधना से पूरी होती मनोकामना
संडीला। नगर के मोहल्ला बरौनी स्थित माता शीतला मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि सच्चे मन से माता शीतला की आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। मंदिर परिसर में विशाल तालाब और हरियाली श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। मंदिर की महिमा दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। नवरात्र में यहां विशेष आयोजन होते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मंदिर के सेवक सुरेश कुमार के मुताबिक, इस स्थान पर जंगल था। ऐसा बताया जाता है कि एक अंग्रेज अधिकारी शिकार के दौरान आया और दिव्य मूर्ति दिखाई दी। उस मूर्ति के दर्शन मात्र से उसके मन को अद्भुत शांति मिली। इसके बाद इस स्थान की महिमा फैलने लगी और धीरे-धीरे यहां पर मंदिर बनवाया गया। मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। अमावस्या पर संडीला शैक्षिक विकास समिति की ओर से दीपोत्सव मनाया जाता है। नवरात्र में प्रभातफेरी जागरण समिति की ओर से दुर्गा माता मंदिर से शीतला माता मंदिर तक प्रतिदिन प्रभातफेरी निकाली जाती है।
