चित्रकूट: शिवरामपुर में इलेक्ट्रॉनिक दुकान में भीषण आग; 6 लाख का सामान जलकर राख, ग्रामीणों ने पाया काबू
चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में भीषण आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। यह घटना शिवरामपुर क्षेत्र के बड़ी माई मंदिर के पास स्थित ‘काजल इलेक्ट्रॉनिक्स’ में घटित हुई। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की सूझबूझ और तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, वरना एक बड़ा रिहायशी इलाका इसकी चपेट में आ सकता था।
शॉर्ट सर्किट से भड़की आग
जानकारी के अनुसार, पथरौदी निवासी रमेश कुशवाहा की शिवरामपुर में बड़ी माई मंदिर के पास काजल इलेक्ट्रॉनिक नाम से दुकान है। मंगलवार सुबह अचानक दुकान के अंदर से धुआं और आग की लपटें उठती देख हड़कंप मच गया। आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
दुकान में रखे फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, पंखे और अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आग की भेंट चढ़ गए। पीड़ित दुकानदार के अनुसार, इस अग्निकांड में लगभग 5 से 6 लाख रुपये का माल पूरी तरह नष्ट हो गया है।
स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस
आग इतनी भीषण थी कि लपटें दुकान से बाहर निकलने लगी थीं। शोर सुनकर आसपास के दुकानदार और मोहल्लेवासी भारी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। दमकल विभाग के पहुँचने का इंतजार किए बिना, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने खुद ही मोर्चा संभाला। लोगों ने पानी और रेत डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आग की लपटों पर काबू पाया।
स्थानीय लोगों की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है, क्योंकि यदि आग आसपास की दुकानों या मकानों तक फैल जाती, तो नुकसान का आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता था।
पुलिस और प्रशासन ने लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय चौकी प्रभारी शनि चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित दुकानदार से नुकसान का विवरण प्राप्त किया। राजस्व विभाग की टीम को भी इसकी सूचना दे दी गई है ताकि नुकसान का सटीक आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके और पीड़ित को उचित मुआवजा मिल सके।
दुकानदारों में सुरक्षा को लेकर चिंता
इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों के बीच बिजली सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अक्सर पुराने बाजारों में तारों के जाल और दुकानों में पुख्ता फायर सेफ्टी उपकरण न होने के कारण ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। व्यापार मंडल ने प्रशासन से मांग की है कि विद्युत लाइनों की समय-समय पर जांच की जाए और पीड़ित रमेश कुशवाहा को आर्थिक मदद प्रदान की जाए।
निष्कर्ष
चित्रकूट की यह घटना एक चेतावनी है कि बिजली के उपकरणों और वायरिंग की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। रमेश कुशवाहा जैसे छोटे व्यापारियों के लिए ऐसी हानि पूरी जमा-पूंजी खत्म होने जैसा है। उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित को राहत पहुँचाएगा।