Agra Weather Update: आंधी-बारिश का तांडव; 60 की रफ्तार से आई ‘आफत’ ने आगरा को दहलाया, फसलें बर्बाद
आगरा। ताजनगरी आगरा में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को शहर और ग्रामीण इलाकों में आई भीषण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी ने न केवल इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया, बल्कि अन्नदाता की कमर भी तोड़ दी है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बुधवार के लिए भी ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है।
शहर में मची अफरातफरी: गिरे यूनिपोल और होर्डिंग्स
मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। देखते ही देखते आसमान में धूल का गुबार छा गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर के व्यस्ततम एमडी जैन मार्ग पर एक दीवार का बड़ा हिस्सा और सजावटी ढांचा चलते हुए ऑटो पर जा गिरा। गनीमत रही कि ऑटो चालक ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन वाहन मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया।
इसी तरह पंचकुइयां चौराहे पर नगर निगम का एक विशाल विज्ञापन यूनीपोल भरभराकर गिर पड़ा। वहां मौजूद एक महिला दुकानदार बाल-बाल बची। इन घटनाओं के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है और विज्ञापन कंपनियों को सभी यूनीपोल की सुरक्षा जांच के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मथुरा हाईवे पर जलभराव और बिजली संकट
तेज बारिश के कारण मथुरा-आगरा हाईवे सहित शहर के निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। आंधी के कारण दर्जनों पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए, जिससे शहर और देहात के कई इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। मंगलवार को आगरा का अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री और न्यूनतम 20.6 डिग्री दर्ज किया गया।
किसानों पर टूटा दुखों का पहाड़: फसलें हुई जमींदोज
सबसे बुरा हाल ग्रामीण अंचलों का है। बरौली अहीर, बिचपुरी, और खंदौली सहित दर्जनों गाँवों में गेहूं की तैयार फसल जो तीन दिन पहले की ओलावृष्टि से बच गई थी, वह इस बार की आंधी में पूरी तरह जमीन पर बिछ गई है।
- गेहूं की बर्बादी: खेतों में कटी पड़ी फसल पानी में डूब गई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि गेहूं के बार-बार भीगने से दाना काला पड़ जाएगा और उसमें फफूंदी लगने का खतरा बढ़ गया है।
- सब्जियों का नुकसान: मूंग, टमाटर, लौकी, तोरई और कद्दू जैसी बेल वाली सब्जियों की फसलें भी सड़ने की कगार पर हैं।
- मुआवजे की मांग: किसान नेताओं और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है।
कृषि वैज्ञानिकों की सलाह
कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बेमौसम बारिश से गेहूं की गुणवत्ता (Quality) में भारी गिरावट आएगी। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी (Drainage) का उचित प्रबंध करें ताकि जड़ों को सड़ने से बचाया जा सके।
आज भी खतरा बरकरार: मौसम विभाग की चेतावनी
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण मौसम विभाग ने बुधवार को भी भारी आंधी और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों और जर्जर इमारतों या होर्डिंग्स के नीचे खड़े न हों।