कानपुर

कानपुर किडनी रैकेट: दिल्ली के बड़े अस्पताल को नोटिस भेजेगी पुलिस, कॉल रिकॉर्डिंग में हुआ ‘मौत के सौदे’ का पर्दाफाश

कानपुर। कानपुर में सक्रिय किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट मामले में पुलिस की जांच अब दिल्ली के गलियारों तक पहुँच गई है। पुलिस दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अस्पताल को नोटिस भेजकर वहां के स्टाफ और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मांगने की तैयारी में है। इस मामले में जेल जा चुके मुख्य आरोपियों के मोबाइल से मिली कॉल रिकॉर्डिंग ने जांच की दिशा बदल दी है, जिसमें न केवल अंग तस्करी बल्कि एक महिला की मौत को ‘मैनेज’ करने का खौफनाक सच सामने आया है।

कॉल रिकॉर्डिंग में ‘डेथ मैनेजमेंट’ का सच

​डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी के अनुसार, मुख्य आरोपी शिवम अग्रवाल के मोबाइल से 19 नवंबर 2025 की एक महत्वपूर्ण कॉल रिकॉर्डिंग मिली है। इस रिकॉर्डिंग में शिवम और प्रयागराज के नवीन पांडेय के बीच बातचीत हो रही है।

​बातचीत के दौरान एक दिल्ली के बड़े अस्पताल का नाम सामने आया है। रिकॉर्डिंग से पता चला कि एक महिला को किडनी ट्रांसप्लांट के बाद उस अस्पताल में शिफ्ट किया जाना था, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। जब महिला के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू किया, तो शिवम अग्रवाल ने नवीन पांडेय से बात की और डॉ. रोहित के जरिए मामले को ‘मैनेज’ (शांत) करने का निर्देश दिया।

दिल्ली के अस्पताल पर पुलिस का शिकंजा

​जांच अधिकारी की ओर से गुरुवार को दिल्ली के संबंधित अस्पताल को औपचारिक नोटिस भेजा जाएगा। पुलिस इस नोटिस के जरिए निम्नलिखित जानकारी मांगेगी:

  • ​अस्पताल के संबंधित विभाग का स्टाफ विवरण।
  • ​डॉ. रोहित और अन्य संदिग्धों के साथ अस्पताल के संबंध।
  • ​उस दौरान हुए किडनी ट्रांसप्लांट और संदिग्ध मौतों का रिकॉर्ड।

नवीन पांडेय और डॉ. रोहित का कनेक्शन

​पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि नवीन पांडेय, डॉ. रोहित के लिए एनसीआर (NCR) क्षेत्र में किडनी डोनर (दाता) और रिसीवर (पाने वाले) तलाशने का काम करता था। यह पूरा नेटवर्क एक सुव्यवस्थित तरीके से काम कर रहा था, जहाँ गरीबों को चंद पैसों का लालच देकर उनकी किडनी ली जा रही थी।

कानपुर के होटलों में रुकते थे विदेशी डॉक्टर

​जांच में यह भी पता चला है कि इस रैकेट के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े हो सकते हैं। डॉ. अफजल और परवेज सैफी जैसे संदिग्ध कल्याणपुर के सत्यम होटल में करीब 10 दिनों तक रुके थे। ये लोग ऑपरेशन से पहले ही कानपुर आ जाते थे और डोनर को शिफ्ट कराने के बाद ही रवाना होते थे। परवेज सैफी ने पूछताछ में कुछ और नर्सिंग होम के नामों का भी खुलासा किया है, जहाँ डॉ. रोहित और शिवम अग्रवाल के संरक्षण में यह खेल चल रहा था।

प्रमुख खुलासे एक नजर में:

  • तारीख: 19 नवंबर 2025 की कॉल रिकॉर्डिंग बनी सबसे बड़ा सबूत।
  • मुख्य पात्र: शिवम अग्रवाल, नवीन पांडेय और डॉ. रोहित।
  • मृत्यु का मामला: ट्रांसप्लांट के बाद हुई महिला की मौत को दबाने की कोशिश।
  • पुलिस की कार्रवाई: दिल्ली के अस्पताल को नोटिस और स्टाफ की कुंडली खंगालना।

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