लखनऊ: फीनिक्स मॉल के पास सब्जी मंडी में भीषण आग, दमकल विभाग ने बचाईं 175 दुकानें
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ के व्यस्ततम इलाकों में से एक, कृष्ण नगर स्थित फीनिक्स यूनाइटेड मॉल के पास स्थित सब्जी मंडी में देर रात भीषण आग लग गई। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते लगभग 25 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।
घटना का विवरण
यह हादसा गुरुवार देर रात और शुक्रवार तड़के के बीच का बताया जा रहा है। कृष्ण नगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इस सब्जी मंडी में अचानक धुआं और लपटें उठती देख स्थानीय लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। चूंकि मंडी में लकड़ी के खोखे और प्लास्टिक का सामान अधिक था, इसलिए आग ने बहुत तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया।
सूचना मिलते ही कृष्ण नगर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें सक्रिय हुईं। आग की गंभीरता को देखते हुए एक के बाद एक कुल 8 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
प्रशासनिक अधिकारियों का बयान
लखनऊ के CFO अंकुश मित्तल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, “हमें कृष्ण नगर पुलिस स्टेशन के माध्यम से आग लगने की सूचना मिली थी। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 15 से 20 दुकानें पूरी तरह जल गई हैं, लेकिन हमारी टीम की मुस्तैदी के कारण हम पास की 175 से अधिक दुकानों को सुरक्षित बचाने में सफल रहे।”
वहीं, लखनऊ के DCP अमित कुमार आनंद ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर तैनात हो गया था ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। उन्होंने पुष्टि की कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है और न ही किसी की जान गई है।
आग लगने का कारण: शॉर्ट सर्किट की आशंका
आग लगने के सही कारणों की जांच अभी जारी है, लेकिन प्राथमिक जांच (Prima Facie) के आधार पर अधिकारियों का मानना है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ हो सकता है। मंडी में तारों का जाल फैला होना और सुरक्षा मानकों की कमी अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है। फॉरेंसिक टीम और बिजली विभाग के अधिकारी अब विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि स्पष्ट कारणों का पता चल सके।
व्यापारियों का भारी नुकसान
भले ही प्रशासन 175 दुकानों को बचाने का दावा कर रहा हो, लेकिन जिन 20-25 दुकानदारों की दुकानें जलकर खाक हुई हैं, उनके लिए यह एक बड़ा आर्थिक झटका है। मंडी के व्यापारियों का कहना है कि उनकी पूरी पूंजी और सामान राख हो गया है। स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने सरकार से प्रभावित दुकानदारों के लिए मुआवजे की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
फीनिक्स यूनाइटेड मॉल जैसे पॉश इलाके के पास स्थित इस मंडी में आग लगना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
- अग्निशमन यंत्रों की कमी: क्या मंडी में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम थे?
- बिजली के ढीले तार: क्या बिजली विभाग ने समय रहते जर्जर तारों को ठीक किया था?
- सकरी गलियां: अक्सर ऐसी मंडियों में गलियां इतनी सकरी होती हैं कि दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में कठिनाई होती है।
सावधानी ही बचाव है
गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही आग लगने की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में प्रशासन ने सभी दुकानदारों और मंडी समितियों को कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- दुकानों में बिजली के पुराने तारों को बदलें।
- रात को दुकान बंद करते समय मेन स्विच (Main Switch) बंद करना न भूलें।
- मंडी परिसर में पोर्टेबल फायर एक्सटिंग्विशर (Fire Extinguisher) जरूर रखें।
- अवैध बिजली कनेक्शनों (कटिया) से बचें।
निष्कर्ष
लखनऊ प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी तबाही को टाल दिया। यदि दमकल विभाग समय पर नहीं पहुँचता, तो आग पूरी 200 दुकानों की मंडी को जलाकर खाक कर सकती थी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में शांति है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी।