नोएडा दहला: वेतन वृद्धि की मांग पर हिंसक हुए कर्मचारी, पुलिस की गाड़ी फूंकी, NH-9 जाम; भारी पुलिस बल तैनात
नोएडा (Noida)। उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार को वेतन वृद्धि (Salary Hike) की मांग को लेकर चल रहा कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक उग्र और हिंसक हो गया। पिछले तीन-चार दिनों से जारी आंदोलन ने आज भयानक रूप ले लिया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने नोएडा के फेज-2 इलाके में जमकर उत्पात मचाया, कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया, और पुलिस टीम पर भी पथराव किया।
क्यों भड़की हिंसा?
फेज-2 और आसपास के सेक्टरों में स्थित कई निजी कंपनियों के हजारों कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगें थीं:
- न्यूनतम वेतन: सैलरी 13,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये की जाए।
- ओवरटाइम: ओवरटाइम के भुगतान का स्पष्ट प्रावधान हो।
- छुट्टियां: सवैतनिक छुट्टियों (Paid Leaves) का अलग प्रावधान किया जाए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन और प्रबंधन के आश्वासन के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनका धैर्य टूट गया। सोमवार सुबह कुलेसरा से फेज-2 तक मार्च निकालते हुए श्रमिक बड़ी संख्या में एकत्र हुए और आंदोलन ने हिंसक मोड़ ले लिया।
जमकर तोड़फोड़, आगजनी और पथराव
देखते ही देखते हजारों की भीड़ हिंसक हो गई। सेक्टर-84 और फेज-2 इलाके में प्रदर्शनकारियों ने कई निजी वाहनों को निशाना बनाया और उनमें तोड़फोड़ की। स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में कई पुलिसकर्मी और कमांडो घायल हुए हैं।
प्रमुख घटनाएं:
- पुलिस वाहन फूंका: आक्रोशित भीड़ ने पुलिस की एक गाड़ी को घेरकर आग लगा दी।
- निजी वाहन खाक: मदरसन कंपनी (Motherson Company) के पास खड़ी करीब चार अन्य गाड़ियों को भी प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया।
- पथराव और तोड़फोड़: कंपनियों के गेट और खिड़कियां तोड़ी गईं। सड़क पर हर तरफ पत्थर और मलबे बिखरे पड़े थे।
NH-9 पूरी तरह ठप, यातायात व्यवस्था ध्वस्त
हिंसा और तोड़फोड़ के बीच हजारों श्रमिक नेशनल हाईवे-9 (NH-9) पर उतर आए। श्रमिकों के सड़क जाम करने से पूरा रूट बाधित हो गया। एनएच-9 के सर्विस लेन का ट्रैफिक प्रमुख लेन में डायवर्ट करना पड़ा, वहीं गाजियाबाद के इंदिरापुरम की तरफ से आने वाले अंडरपास को भी सुरक्षा के मद्देनजर बंद कर दिया गया।
नोएडा के सेक्टर 59, 60, 62 और 63 सहित कई प्रमुख सड़कों पर जाम लग गया। इससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। दफ्तर जाने वाले लोगों और आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया गया। मौके पर पुलिस और पीएसी (PAC) के अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
नोएडा के पुलिस उपायुक्त (DCP) ने बताया कि हिंसक तत्वों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने और उन्हें शांत करने का प्रयास कर रही है।
महिला कर्मचारियों का धरना
हंगामे और हिंसा के बीच एक कंपनी के बाहर बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी धरने पर बैठ गईं। हालांकि वे हिंसा में शामिल नहीं थीं, लेकिन उन्होंने अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।
निष्कर्ष: समाधान की उम्मीद अभी भी दूर
रविवार को जिला प्रशासन और प्राधिकरण के अफसरों ने बैठक कर आश्वासन दिया था, लेकिन यह सोमवार की सुबह हिंसा रोकने में नाकाम रहा। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन और पुलिस जल्द ही कोई ठोस समाधान निकाल पाते हैं या यह तनाव जारी रहता है।