पश्चिमी यूपी के विकास को लगेंगे पंख: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण
लखनऊ/सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक ‘गेमचेंजर’ करार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लोकार्पण के अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि यह केवल एक सड़क नहीं, बल्कि विकास की एक नई जीवनरेखा है, जो कनेक्टिविटी के साथ-साथ उद्योग और रोजगार के असीमित अवसरों को जन्म देगी।
दूरी कम, व्यापार ज्यादा: कनेक्टिविटी का नया युग
इस कॉरिडोर के निर्माण के बाद अब सहारनपुर से दिल्ली और देहरादून का सफर घंटों के बजाय मिनटों का रह जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले यह मार्ग अत्यंत दुर्गम हुआ करता था, विशेषकर डाट काली मंदिर के पास बरसात के दिनों में रास्ता अक्सर बाधित हो जाता था। अब इस आधुनिक कॉरिडोर के माध्यम से यात्रा सुगम, सुरक्षित और तीव्र होगी।
इस परियोजना से न केवल आम जनता को लाभ होगा, बल्कि व्यापारियों के लिए भी माल ढुलाई आसान हो जाएगी। कनेक्टिविटी में सुधार का सीधा असर इस क्षेत्र के कृषि और औद्योगिक उत्पादों की लागत पर पड़ेगा।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच
पश्चिमी उत्तर प्रदेश अपने विशिष्ट उत्पादों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि:
- सहारनपुर का वुडवर्क (नक्काशी): अब इसे दिल्ली के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुँचाया जा सकेगा।
- मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स: खेल सामग्री के निर्माण में मेरठ की धाक अब वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी।
- अन्नदाता किसानों के उत्पाद: बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर के किसानों द्वारा उगाए गए गन्ना, फल और सब्जियां अब बिना देरी के राष्ट्रीय राजधानी की मंडियों तक पहुंच सकेंगी।
बाबा साहेब की जयंती और सामाजिक न्याय का संकल्प
कॉरिडोर के लोकार्पण का दिन इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि आज संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती है। सीएम योगी ने इस अवसर पर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘पंचतीर्थ’ का निर्माण कर उन्हें वास्तविक सम्मान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार महापुरुषों के सम्मान में विशेष कार्य करेगी। प्रदेश में जहाँ भी बाबा साहेब, संत रविदास या महर्षि वाल्मीकि की मूर्तियाँ स्थापित हैं, यदि वहाँ बाउंड्री वॉल या शेड नहीं है, तो सरकार फंड जारी कर इन कार्यों को पूरा कराएगी। यह कदम ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा।
औद्योगिक और हाउसिंग क्लस्टर: रोजगार की नई उम्मीद
विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए सरकार ने सहारनपुर, मेरठ और बागपत में विशेष इंडस्ट्रियल और हाउसिंग क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
- निवेश का केंद्र: इन क्लस्टर्स के माध्यम से भारी निवेश आने की उम्मीद है।
- स्थानीय रोजगार: युवाओं को उनके ही जनपद में काम मिलेगा, जिससे पलायन रुकेगा।
- आधुनिक बुनियादी ढांचा: जेवर में बन रही फिल्म सिटी और सरसावा में बन रहे सिविल टर्मिनल (एयरपोर्ट) से इस क्षेत्र का कायाकल्प होना तय है।
‘डबल इंजन’ सरकार बनाम विभाजनकारी राजनीति
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो लोग समाज को जाति और परिवारवाद के नाम पर बांटते हैं, वे कभी विकास की सोच नहीं रख सकते। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने माफियाओं को संरक्षण दिया और दंगों को बढ़ावा दिया, जिससे प्रदेश की पहचान संकट में थी। लेकिन आज की ‘डबल इंजन’ सरकार बिना रुके और बिना थके इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर काम कर रही है।
निष्कर्ष
दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण इस बात का प्रतीक है कि उत्तर प्रदेश अब ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। मां शाकुंभरी की धरा सहारनपुर से शुरू होने वाला यह विकास रथ आने वाले समय में पश्चिमी यूपी को भारत के सबसे बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।