यूपी सरकार का बड़ा कदम: अब नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर, मेडिकल बिलों का भुगतान होगा ऑनलाइन
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कार्मिकों को बड़ी सौगात देने की तैयारी कर ली है। अब चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) के लिए कर्मचारियों को फाइलों के पीछे भागने या महीनों इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। सरकार इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने जा रही है।
20 लाख कार्मिकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस नई व्यवस्था का लाभ प्रदेश के लगभग 18 से 20 लाख सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगा। वर्तमान में, चिकित्सा बिलों के भुगतान की प्रक्रिया मैन्युअल होती है, जिसमें बिल पास होने में काफी समय लगता है और अक्सर भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती हैं। ऑनलाइन सिस्टम लागू होने से देरी और अनियमितताओं पर लगाम लगेगी।
मानव संपदा पोर्टल से जुड़ा होगा नया सिस्टम
शासन के सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए एक विशेष पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल की सबसे खास बात यह है कि इसे ‘मानव संपदा पोर्टल’ से एकीकृत (Integrate) किया जाएगा।
- लॉगिन सुविधा: प्रत्येक कर्मचारी और पेंशनभोगी को एक यूनिक आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा।
- रियल-टाइम ट्रैकिंग: आवेदक अपने बिल का स्टेटस देख सकेंगे कि फाइल किस अधिकारी के पास है और भुगतान में कितना समय लगेगा।
- समयबद्ध निस्तारण: पोर्टल के माध्यम से बिल पास करने के लिए एक समय सीमा तय की जाएगी, जिससे फाइलों का लटकना बंद होगा।
इसी महीने जारी होगा शासनादेश
सरकार इस योजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारना चाहती है। उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल माह के अंत तक इसका आधिकारिक शासनादेश (Government Order) जारी कर दिया जाएगा। इससे पहले विभाग अपने स्तर पर पोर्टल का ट्रायल पूरा कर रहे हैं ताकि लॉन्चिंग के बाद तकनीकी खामियों की गुंजाइश न रहे।
क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत?
अभी तक हर विभाग अपने स्तर पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिल प्रोसेस करता है। केंद्रीकृत व्यवस्था न होने के कारण बिल पास होने में देरी और पारदर्शिता की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘डिजिटल यूपी’ विजन के तहत, इस कदम से न केवल कर्मचारियों का काम आसान होगा, बल्कि सरकारी कामकाज में भी तेजी आएगी।