UPESSC : एआई कैमरों की निगरानी में हुई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा, 39 हजार से अधिक अभ्यर्थी हुए शामिल
UPESSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 2026 इस बार पूरी तरह हाईटेक निगरानी में आयोजित की गई, जिसमें एआई (Artificial Intelligence) कैमरों का व्यापक उपयोग किया गया।
🔹 परीक्षा में क्या रहा खास?उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने नकल और गड़बड़ी रोकने के लिए “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू की।
The Indian Expressसभी परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित कैमरे लगाए गए, जो अभ्यर्थियों की हर गतिविधि पर नजर रखते रहे।
Amar Ujalaएक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई, जहां संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत चिन्हित किया जा सकता है।
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🔹 कितने अभ्यर्थी हुए शामिल?परीक्षा 18 और 19 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई।विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें कई केंद्रों पर बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल हुए (कुछ रिपोर्ट्स में 80 हजार से अधिक तक का आंकड़ा भी सामने आया है)।
Amar Ujalaआपके दिए आंकड़े के अनुसार, 39 हजार से अधिक अभ्यर्थियों की भागीदारी भी बताई जा रही है (संभवतः किसी विशेष शिफ्ट/चरण का आंकड़ा)।
🔹 सुरक्षा के लिए क्या-क्या इंतजाम?AI कैमरों के साथ रियल-टाइम मॉनिटरिंगबायोमेट्रिक सत्यापन और OMR से उपस्थिति दर्ज
Amar Ujalaप्रश्नपत्रों में रैंडमाइजेशन (हर छात्र को अलग पेपर)STF द्वारा संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानीपरीक्षा से जुड़े कर्मचारियों से नो-रिलेशन सर्टिफिकेट
🔹 क्यों जरूरी थे ये कदम?पिछले वर्षों में पेपर लीक और गड़बड़ी के मामलों के बाद सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और नकल-मुक्त बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया।
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👉 निष्कर्ष:UPESSC की यह परीक्षा यूपी में भर्ती परीक्षाओं के लिए एक नया मॉडल मानी जा रही है, जहां AI तकनीक के जरिए पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है
