लखनऊ

UP Electricity Crisis: रिचार्ज के बाद भी अंधेरे में 1.93 लाख उपभोक्ता, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा; अब मुआवजे की तैयारी!

स्मार्ट मीटर का ‘स्मार्ट’ फेल्योर: दावों की खुली पोल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन (UPPCL) के उन दावों की हवा निकल गई है, जिसमें कहा जाता था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता रिचार्ज के तुरंत बाद निर्बाध बिजली पाएंगे। विद्युत नियामक आयोग में दाखिल कॉर्पोरेशन की हालिया रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 1,93,143 उपभोक्ता ऐसे रहे, जिन्होंने रिचार्ज तो समय पर किया, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण 2 घंटे बाद भी उनके घर की बत्ती नहीं जल सकी।

क्या कहता है सरकारी रिपोर्ट का गणित?

​पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) द्वारा आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, 13 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच का डेटा बेहद चिंताजनक है:

  • कनेक्शन कटे: निगेटिव बैलेंस होने पर कुल 40.27 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए।
  • रिचार्ज हुआ: इनमें से 24.14 लाख लोगों ने तत्काल रिचार्ज कराया।
  • देरी का शिकार: 22.21 लाख लोगों की बिजली तो 2 घंटे में आ गई, लेकिन 1.93 लाख (लगभग 8%) उपभोक्ता घंटों तक अंधेरे में रहने को मजबूर हुए।

​अभी तक विभाग यह तर्क देता था कि केवल इक्का-दुक्का मामलों में देरी होती है, लेकिन 8 फीसदी का यह आंकड़ा बड़ी तकनीकी विफलता की ओर इशारा करता है।

उपभोक्ता परिषद की मांग: ₹50 प्रतिदिन का मिले मुआवजा

​राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस रिपोर्ट के आधार पर नियामक आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि आयोग के ‘स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस’ (SoP) नियमों के तहत:

​”यदि रिचार्ज के 2 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती है, तो संबंधित उपभोक्ता 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा पाने का हकदार है।”

​परिषद ने मांग की है कि आयोग स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए इन सभी 1.93 लाख उपभोक्ताओं के खातों में मुआवजे की राशि जमा कराए।

1912 हेल्पलाइन पर नहीं मिलती सुनवाई

​उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉर्पोरेशन के उस तर्क को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि “किसी उपभोक्ता ने मुआवजा नहीं मांगा है।” परिषद का कहना है कि जब उपभोक्ता बिजली हेल्पलाइन 1912 पर कॉल कर मुआवजा मांगते हैं, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता। ऐसे में जिम्मेदारी विभाग की है कि वह अपनी गलती स्वीकार कर नियम का पालन करे।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी: अगर रिचार्ज के बाद बिजली न आए तो क्या करें?

​यदि आपने स्मार्ट मीटर रिचार्ज किया है और 2 घंटे बाद भी बिजली नहीं आई है, तो यह कदम उठाएं:

  1. कम्प्लेंट दर्ज करें: तुरंत 1912 पर कॉल करें और अपना शिकायत नंबर (Docket Number) नोट करें।
  2. स्क्रीनशॉट रखें: रिचार्ज के सफल मैसेज और बिजली न आने के समय का प्रमाण (जैसे मीटर की फोटो) अपने पास रखें।
  3. मुआवजे का दावा: लिखित रूप में अपने संबंधित अधिशासी अभियंता (EE) कार्यालय या विद्युत उपभोक्ता फोरम में मुआवजे के लिए आवेदन करें।
  4. ऑनलाइन पोर्टल: यूपी एनर्जी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें।

निष्कर्ष: तकनीकी प्रगति के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण कतई जायज नहीं है। अब देखना यह होगा कि विद्युत नियामक आयोग इस रिपोर्ट के बाद पावर कॉर्पोरेशन पर क्या जुर्माना लगाता है और उपभोक्ताओं को उनका हक कब तक मिलता है।

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