UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में ‘आसमान से बरस रही आग’, 32 जिलों में लू का रेड अलर्ट; बांदा में पारा 44 डिग्री के पार
अप्रैल में ही जून जैसी तपिश: यूपी के 32 जिलों में लू का कहर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। अप्रैल के महीने में ही प्रदेशवासी मई और जून जैसी झुलसाने वाली गर्मी का सामना कर रहे हैं। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ ने बुधवार के लिए प्रदेश के 32 जिलों में ‘लू’ (Heatwave) की चेतावनी जारी की है। शुष्क पछुआ हवाओं के चलते बुंदेलखंड से लेकर पूर्वांचल तक पूरा प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में है।
बांदा रहा सबसे गर्म, प्रयागराज और सुल्तानपुर में भी पारा हाई
मंगलवार को दर्ज किए गए आंकड़ों ने प्रशासन और जनता की चिंता बढ़ा दी है।
- बांदा: 44.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा।
- सुल्तानपुर: 43.4 डिग्री के साथ दूसरे पायदान पर रहा।
- प्रयागराज: संगम नगरी में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, शुष्क पछुआ हवाओं के कारण वायुमंडल में नमी की कमी है, जिससे धूप की तपिश सीधे और तीखी महसूस हो रही है।
इन 32 जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन जिलों में लू की चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं:
प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, जौनपुर, गाजीपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, भदोही, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, पीलीभीत और शाहजहांपुर।
कब मिलेगी राहत?
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, फिलहाल 25 अप्रैल तक प्रचंड गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि, 26 अप्रैल से एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है और तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
भीषण गर्मी और लू से बचाव के उपाय (Health Tips)
डॉक्टरों ने बढ़ते तापमान को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:
- हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पिएं। ओआरएस (ORS), लस्सी, छाछ और नींबू पानी का सेवन करें।
- दोपहर में बाहर निकलने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से परहेज करें।
- पहनावे पर ध्यान दें: हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को टोपी, छाते या गमछे से ढकें।
- खान-पान: तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे मौसमी फलों का अधिक सेवन करें। खाली पेट घर से बाहर न निकलें।
- पशु-पक्षियों का ख्याल: अपने घर की छत या बालकनी पर पक्षियों के लिए पानी का पात्र जरूर रखें।
खेती-किसानी पर असर
तेज आंधी और लू के चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। साथ ही, सब्जियों की फसलों में सिंचाई की जरूरत बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे शाम के समय हल्की सिंचाई करें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे।