लखनऊ

​खौफनाक हादसा: खाटू श्याम के दर्शन कर लौट रहे जालौन के दो युवकों की राजस्थान में मौत, ट्राला में घुसी कार

जालौन/राजस्थान। राजस्थान से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के दो श्रद्धालुओं की सड़क दुर्घटना में जान चली गई। ये युवक खाटू श्याम जी के दर्शन कर वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे एक बड़े ट्राला में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और दो युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह भीषण हादसा राजस्थान के रायसर थाना क्षेत्र में सोमवार की रात को हुआ। जालौन के माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के रहने वाले कुछ युवक कार से खाटू श्याम के दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद जब वे घर वापसी कर रहे थे, तभी रायसर के पास उनकी कार की भिड़ंत आगे चल रहे एक भारी ट्राला से हो गई।

​हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुँची रायसर पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान और पारिवारिक स्थिति

​इस हादसे ने जालौन के दो परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दिया है। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. सत्यम दुबे (27 वर्ष): तहसील क्षेत्र के सरावन निवासी मनोज दुबे के पुत्र सत्यम दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। वे अपने साथियों के साथ इस धार्मिक यात्रा पर निकले थे। सत्यम की मौत की खबर सुनते ही उनकी माँ विनीता दुबे और भाइयों (तनुज व शुभम) का रो-रोकर बुरा हाल है।
  2. शैलेश बाबू (25 वर्ष): खितौली निवासी शैलेश बाबू उरई में रहकर मजदूरी करते थे। शैलेश पहले अपने साथियों के साथ कुल्लू-मनाली घूमने गए थे, जहाँ से वापसी में वे खाटू श्याम के दर्शन के लिए रुके थे। शैलेश की माँ का पहले ही देहांत हो चुका है, अब उनकी मौत के बाद पिता राजू सोलंकी और बहन नीलम गहरे सदमे में हैं।

कुल्लू-मनाली से शुरू हुई थी यात्रा

​परिजनों ने बताया कि शैलेश बाबू और उनके साथी पहले उत्तर भारत की यात्रा (कुल्लू-मनाली) पर निकले थे। वहां से लौटते समय उन्होंने खाटू श्याम जी के दर्शन करने की योजना बनाई और दिल्ली से सत्यम दुबे को भी अपने साथ ले लिया। रविवार को इन सभी ने घर पहुँचने की बात कही थी, लेकिन सोमवार की काली रात उनके लिए काल बनकर आई।

परिजनों में मचा कोहराम

​हादसे की सूचना जैसे ही जालौन के सरावन और खितौली गाँवों में पहुँची, वैसे ही पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। मृतकों के घरों पर शुभचिंतकों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई है। दोनों युवक अपने परिवारों के भविष्य का सहारा थे। सत्यम की दिल्ली में नौकरी और शैलेश की मेहनत ने परिवारों को उम्मीद दी थी, जो अब एक झटके में उजड़ गई है।

पुलिस की कार्रवाई

​राजस्थान पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभवतः नींद का झोंका आने को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने जालौन प्रशासन और मृतकों के परिजनों को औपचारिक सूचना दे दी है, जिसके बाद परिजन शवों को लाने के लिए राजस्थान रवाना हो गए हैं।

निष्कर्ष

​धार्मिक यात्राओं के दौरान होने वाले ये हादसे हमें सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत रहने की चेतावनी देते हैं। रात के समय हाईवे पर गाड़ी चलाते समय सतर्कता बरतना और पर्याप्त आराम करना अनिवार्य है। जालौन के इन दो युवाओं की मौत ने न केवल उनके परिवारों को, बल्कि पूरे जिले को शोक संतप्त कर दिया है।

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