लखनऊ

फिरोजाबाद लूट कांड: 10 लाख लेकर फरार ‘मिस्ट्री गर्ल’, 300 किमी की दौड़ और 250 CCTV खंगालने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में हुई 10 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सिरसागंज थाना क्षेत्र के अध्यापक नगर में सोमवार को एक बीज व्यापारी के कर्मचारी से दिनदहाड़े हुई इस लूट में सबसे चौंकाने वाला पहलू एक युवती का शामिल होना है। वारदात के 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी ‘लुटेरी युवती’ और उसके साथी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

300 किलोमीटर की खाक, पर सुराग नहीं

​लूट की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों ने लुटेरों का पीछा करते हुए फिरोजाबाद से लेकर आगरा, मैनपुरी, एटा और इटावा तक करीब 300 किलोमीटर के दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया है। पुलिस ने हाईवे और स्थानीय रास्तों पर लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है, लेकिन नकाबपोश बदमाशों और उनके साथ मौजूद युवती का कोई सटीक लोकेशन नहीं मिल पाया है।

क्या था मामला?

​सोमवार सुबह करीब 11 बजे ‘गणेश ट्रेडर्स’ के कर्मचारी बंटी से तमंचे के बल पर 10 लाख रुपये लूट लिए गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, बदमाशों के साथ एक युवती भी थी, जिसने पूरी फुर्ती के साथ रुपयों से भरा थैला झपटा और बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।

कर्मचारी की भूमिका पर गहराता संदेह

​पुलिस के लिए सबसे बड़ा पेच कर्मचारी बंटी का व्यवहार बना हुआ है। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि जब बदमाशों ने उसे रोका, तो उसने बिना किसी विरोध के अपनी बाइक गिरा दी और तुरंत हाथ ऊपर कर दिए। पुलिस को उसका यह ‘सरेंडर’ जैसा व्यवहार संदिग्ध लग रहा है।

  • पूछताछ: पुलिस ने बंटी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की है।
  • कॉल डिटेल: हालांकि प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया है, लेकिन पुलिस उसकी कॉल डिटेल (CDR) और पिछले कुछ दिनों के संपर्कों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि कहीं यह अंदरूनी साजिश तो नहीं।

लेडी डॉन की तलाश में पुलिस की रणनीति

​आमतौर पर लूट की वारदातों में महिलाओं की भागीदारी कम देखी जाती है, इसलिए पुलिस अब उन गिरोहों की प्रोफाइल खंगाल रही है जिनमें महिला सदस्य शामिल हैं। एसपी देहात अनुज चौधरी ने बताया कि पुलिस का मुख्य फोकस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए उस ‘रूट मैप’ को तैयार करना है, जिससे बदमाश हाईवे पर चढ़े थे।

​पुलिस की जांच के प्रमुख बिंदु:

  1. जेल से छूटे अपराधी: जिले और आसपास के जिलों के पुराने अपराधियों की गतिविधियों की जांच।
  2. हाईवे सर्विलांस: हाईवे पर लगे टोल प्लाजा और निजी कैमरों की फुटेज का मिलान।
  3. मोबाइल टावर डंप डाटा: वारदात के समय उस इलाके में सक्रिय संदिग्ध मोबाइल नंबरों की ट्रेसिंग।

व्यापारियों में दहशत का माहौल

​दिनदहाड़े हुई 10 लाख की इस लूट से स्थानीय व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। बीज व्यापारियों और गल्ला मंडी से जुड़े लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द खुलासे की मांग की है। पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है क्योंकि लुटेरी युवती की पहचान अब तक गुप्त बनी हुई है।

निष्कर्ष

​फिरोजाबाद पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक तरफ तकनीकी साक्ष्य (CCTV और सर्विलांस) जुटाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। एसपी देहात का दावा है कि पुलिस कड़ियां जोड़ रही है और जल्द ही यह ‘लुटेरी युवती’ और उसका गैंग सलाखों के पीछे होगा।

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