Hardoi Encounter: ट्रेनों में जेब काटता था मैनूर, चोरी के सिम से मांगी थी फिरौती; मुठभेड़ में 50 हजारी इनामी ढेर
हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश मैनूर को बुधवार सुबह एक मुठभेड़ में मार गिराया। मैनूर पर मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से बच्चे का अपहरण, दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या करने का जघन्य आरोप था। इस मुठभेड़ में एसओजी (SOG) प्रभारी भी घायल हुए हैं।
पुलिस की जांच में मैनूर के अपराध करने के तरीकों को लेकर जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं।
चोरी के सिम कार्ड का शातिर इस्तेमाल
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जब मैनूर द्वारा फिरौती के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल सिम की पड़ताल की, तो एक दिलचस्प कहानी सामने आई। वह सिम बिहार के एक युवक के नाम पर पंजीकृत था। जांच में पता चला कि आरोपी मैनूर ट्रेनों में सफर के दौरान लोगों को अपना शिकार बनाता था।
कासगंज के पास उसने एक बिहारी युवक से उसकी पत्नी को फोन करने के बहाने मोबाइल मांगा। जब युवक लघुशंका के लिए गया, तो मैनूर ने बड़ी चालाकी से उसके फोन से सिम निकालकर अपनी जेब में रख लिया और फोन वापस कर दिया। इसी चोरी किए गए सिम से उसने बच्चे के परिवार को फिरौती के लिए कॉल किया था। बिलग्राम सीओ रवि प्रकाश सिंह के अनुसार, पुलिस की एक टीम बिहार जाकर संबंधित युवक का बयान दर्ज करेगी।
ट्रेनों में जेबकतरी से लेकर जघन्य अपराध तक
मैनूर का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और डरावना है। पुलिस सूत्रों के अनुसार:
- ट्रेन का सफर: वह चलती ट्रेन में चढ़ने और उतरने में माहिर था और अक्सर यात्रियों की जेब काटता था।
- कन्नौज में 10 मामले: आरोपी के खिलाफ कन्नौज जनपद में ही 10 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें बच्चों से दुष्कर्म, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और यूपी गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं।
- पुरानी वारदातें: साल 2020 में भी कछौना क्षेत्र में एक पांच साल के बालक के साथ हुई घटना में उसका नाम सामने आया था।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
बुधवार सुबह मटियामऊ के पास पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने जब मैनूर को घेरने की कोशिश की, तो उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मैनूर को गोलियां लगीं और उसकी मौत हो गई। मौके पर पुलिस की गाड़ी पर भी गोलियों के निशान मिले हैं, जो मुठभेड़ की तीव्रता को दर्शाते हैं।
ग्रामीण बोले- पहले भी किए थे ऐसे काम
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मैनूर लंबे समय से इस तरह की घिनौनी गतिविधियों में संलिप्त था, लेकिन कई मामले ‘अज्ञात’ में दर्ज होने के कारण वह पुलिस की पकड़ से बचता रहा। इस मुठभेड़ के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।