वाराणसी में ‘बुलडोजर’ का एक्शन: 700 करोड़ की सरकारी जमीन से हटा अवैध कब्जा, कई इलाकों में चला निगम का डंडा
वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने एक बार फिर बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। गुरुवार को वाराणसी के कई प्रमुख इलाकों में नगर निगम का ‘बुलडोजर’ जमकर गरजा। चितईपुर, कैंट और वरुणा पार जैसे क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सरकारी जमीन (लैंड बैंक) को कब्जों से मुक्त कराकर जनहित की योजनाओं के लिए तैयार करना है।
1. 550 बीघे जमीन कब्जामुक्त, नगर निगम ने बनाई ‘लैंड बैंक’
वाराणसी नगर निगम ने अपनी संपत्ति को सुरक्षित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अब तक शहर के विभिन्न हिस्सों से लगभग 550 बीघे सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाया जा चुका है। हाल ही में किए गए एक विस्तृत सर्वे में प्रशासन ने 1400 बीघे से अधिक ऐसी जमीनों को चिह्नित किया है, जो कागजों में तो सरकारी हैं, लेकिन उन पर भू-माफियाओं या स्थानीय लोगों का कब्जा है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उन जमीनों पर की जा रही है जहां कोई कानूनी विवाद नहीं है। विशेष रूप से उन जगहों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां लोगों ने केवल टीन शेड या कच्चा निर्माण कर सरकारी भूमि को घेर रखा था।
2. 700 करोड़ की संपत्ति पर अब बनेंगे पार्क और बरातघर
जिन जमीनों से कब्जा हटाया जा रहा है, उनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 700 करोड़ रुपये है। नगर निगम की योजना इन कीमती जमीनों का उपयोग सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए करने की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाली कराई गई जमीन पर निम्नलिखित विकास कार्य किए जाएंगे:
- कम्युनिटी सेंटर (सामुदायिक भवन)
- पब्लिक पार्क और ग्रीन बेल्ट
- बरातघर (वेडिंग हॉल)
- सरकारी कार्यालय और पार्किंग व्यवस्था
कब्जा हटाने के तुरंत बाद, नगर निगम की टीम जमीन की घेराबंदी कर रही है। वहां पिलर लगाए जा रहे हैं, कटीले तारों से घेराव किया जा रहा है और नगर निगम का ‘स्वामित्व बोर्ड’ लगाया जा रहा है ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
3. नवविस्तारित 79 गांवों में भी चलेगा अभियान
वाराणसी के शहरी विस्तार के बाद नगर निगम की सीमा में शामिल हुए नए इलाकों में भी सर्वे का काम पूरा हो चुका है। सर्वे के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं—79 गांवों में लगभग 1300 बीघे सरकारी जमीन पर लोगों ने मनमाने ढंग से कब्जा कर रखा है।
लंबे समय तक ग्राम सभाओं के वर्चस्व और सही निगरानी न होने के कारण इन जमीनों पर अवैध निर्माण कर लिए गए थे। सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि नगर निगम चरणबद्ध तरीके से इन सभी गांवों में कार्रवाई करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग स्वेच्छा से सरकारी जमीन खाली नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ ध्वस्तीकरण का खर्च भी वसूला जाएगा।
4. भारी सुरक्षा के बीच चली कार्रवाई
अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी अप्रिय घटना या विरोध से निपटने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। कैंट और चितईपुर जैसे व्यस्त इलाकों में कार्रवाई के दौरान लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण अभियान बिना किसी बड़े व्यवधान के संपन्न हुआ।
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है। वाराणसी को एक स्मार्ट सिटी और व्यवस्थित शहर बनाने के लिए सड़कों के किनारे और सरकारी भूखंडों से अतिक्रमण हटाना अनिवार्य है।