वाराणसी: दालमंडी में फिर गरजा बुलडोजर; 150 सुरक्षाकर्मी तैनात, मस्जिद के पास बढ़ाई गई चौकसी
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के प्रसिद्ध दालमंडी क्षेत्र में प्रशासन ने एक बार फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज कर दी है। लगभग 20 दिनों के शांतिपूर्ण अंतराल के बाद, शुक्रवार को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अभियान की दोबारा शुरुआत हुई। इस कार्रवाई को लेकर पूरे इलाके में तनाव और हलचल का माहौल है।
भारी सुरक्षा बल और प्रशासनिक मुस्तैदी
हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। 150 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तंग गलियों में तैनात किया गया है। विशेष रूप से लंगड़ा हाफिज मस्जिद और उसके आसपास के संवेदनशील पॉइंट्स पर पुलिस की चौकसी अधिक रखी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके।
मौके पर मौजूद अधिकारी अतुल अंजन त्रिपाठी ने पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।
ध्वस्तीकरण का मुख्य कारण
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान मुख्य रूप से निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए चलाया जा रहा है:
जन सुरक्षा: जर्जर हो चुके भवनों से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना।
यातायात सुगमता: दालमंडी जैसे भीड़भाड़ वाले व्यापारिक क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चिन्हित अतिक्रमणों को हटाना।
चिन्हित भवन: इससे पहले भी दशाश्वमेध और दालमंडी क्षेत्र में कई अवैध या खतरनाक निर्माणों को चिन्हित किया गया था।
व्यापारियों और निवासियों में मची हलचल
जैसे ही पुलिस बल और अधिकारी तंग गलियों में दाखिल हुए, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों से बाहर निकल आए और स्थिति का जायजा लेने लगे।
सामान हटाने की होड़: प्रशासन द्वारा लाउड हेलर के माध्यम से लगातार दी जा रही चेतावनी (मुनादी) के बाद, कई परिवारों ने आनन-फानन में अपने घरों और दुकानों से सामान हटाना शुरू कर दिया है।
भीड़ पर नियंत्रण: पुलिस लगातार लोगों को एक स्थान पर एकत्र न होने की हिदायत दे रही है ताकि कार्रवाई में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
विशेष क्षेत्र वर्तमान स्थिति
लंगड़ा हाफिज मस्जिद अतिरिक्त सुरक्षा घेरा और विशेष निगरानी
मुख्य दालमंडी बाजार दुकानें आंशिक रूप से बंद, भारी पुलिस गश्त
दशाश्वमेध मार्ग यातायात नियंत्रण और अलर्ट मोड
प्रशासन की अपील
अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से शांति बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत और जनहित को ध्यान में रखकर की जा रही है।
निष्कर्ष
वाराणसी के प्राचीन और घने बसे इलाकों में इस तरह की कार्रवाई चुनौतीपूर्ण होती है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान शांतिपूर्ण तरीके से ध्वस्तीकरण को अंजाम देने पर है। आने वाले कुछ घंटों में यह साफ होगा कि इस अभियान के तहत कितने और भवनों पर कार्रवाई की जानी है।