लखनऊ से नोएडा का सफर अब सिर्फ 1 घंटा: 15 जून से शुरू होगी सीधी फ्लाइट, जानें कितना होगा किराया
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक केंद्र नोएडा के बीच की दूरी अब चंद मिनटों की रह जाएगी। 15 जून 2026 से लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अमौसी) और नोएडा के नवनिर्मित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू होने जा रही है।
इंडिगो एयरलाइंस ने इस रूट का शेड्यूल जारी कर दिया है, जिससे यात्रियों को अब दिल्ली होकर नोएडा जाने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी।
फ्लाइट शेड्यूल और समय (Indigo Flight Schedule)
15 जून को एक विशेष उद्घाटन फ्लाइट के साथ इस सेवा का आगाज़ होगा। इंडिगो की यह उड़ान प्रतिदिन संचालित की जाएगी।
लखनऊ से नोएडा: फ्लाइट संख्या 6E-2278 सुबह 7:05 बजे लखनऊ से उड़ान भरेगी और मात्र एक घंटे बाद सुबह 8:05 बजे नोएडा के जेवर एयरपोर्ट पर लैंड करेगी।
नोएडा से लखनऊ: वापसी की फ्लाइट 6E-2279 शाम को 6:55 बजे जेवर एयरपोर्ट से रवाना होगी और रात 8:00 बजे लखनऊ पहुंचेगी।
कितना होगा किराया? (Ticket Fare)
शुरुआती रुझानों और एयरलाइंस सूत्रों के अनुसार, किराया दिल्ली की उड़ानों के लगभग बराबर ही रखा गया है:
सामान्य दिनों में किराया: ₹5,000 से ₹7,000 के बीच।
उद्घाटन फ्लाइट का किराया: वर्तमान में लखनऊ से नोएडा का टिकट करीब ₹7,697 और वापसी का ₹6,556 दिखाई दे रहा है।
पीक सीजन/त्योहार: मांग बढ़ने पर किराया ₹7,000 से ₹10,000 तक जा सकता है।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
अभी तक लखनऊ से नोएडा जाने वाले यात्रियों को पहले दिल्ली (IGI एयरपोर्ट) उतरना पड़ता था, फिर वहां से कैब या मेट्रो लेकर नोएडा पहुंचना होता था। इसमें न केवल 2-3 घंटे अतिरिक्त लगते थे, बल्कि कैब आदि पर ₹800 से ₹1500 तक का अतिरिक्त खर्च भी होता था।
सीधी फ्लाइट के लाभ:
समय की बचत: दिल्ली के जाम और लंबी मेट्रो यात्रा से छुटकारा।
सीधी कनेक्टिविटी: जेवर एयरपोर्ट से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के इलाकों में पहुंचना बेहद आसान होगा।
व्यापारिक लाभ: लखनऊ और नोएडा के बीच व्यापार करने वाले प्रोफेशनल्स अब एक ही दिन में जाकर वापस आ सकेंगे।
जेवर एयरपोर्ट: यूपी का नया ग्लोबल गेटवे
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के चालू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने वाली है। लखनऊ के बाद अब नोएडा के लिए सीधी उड़ान शुरू होना इस एयरपोर्ट की सफलता की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
अगर आप लखनऊ से नोएडा या ग्रेटर नोएडा अक्सर जाते हैं, तो 15 जून के बाद आपकी यात्रा बेहद आरामदायक होने वाली है। इंडिगो की इस पहल से न केवल पर्यटन बल्कि शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में भी लखनऊ और नोएडा के बीच संबंध और मजबूत होंगे।