Meerut Weather Today: मेरठ में आसमान से बरस रही आग, लू के थपेड़ों ने किया बेहाल; जानें कब मिलेगी राहत?
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित मेरठ में गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर है। रविवार की सुबह से ही सूरज के तीखे तेवरों ने लोगों को पसीने से तर-बतर कर दिया। दोपहर होते-होते गर्म हवाओं (Heatwave) और तेज धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। मौसम विभाग की मानें तो अभी दो दिनों तक इस तपिश से निजात मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
तापमान में उछाल: 40 के पार पहुंचा पारा
मेरठ और आसपास के जिलों में अधिकतम तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 48 घंटों में दिन के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। न केवल दिन, बल्कि अब रातों के तापमान में भी इजाफा होने लगा है, जिससे लोगों को रात में भी उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
12 मई से बदलेगा मौसम का मिजाज
गर्मी से बेहाल लोगों के लिए राहत की एक खबर भी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है।
राहत की तारीख: 12 मई से मौसम में बदलाव के आसार हैं।
क्या होगा बदलाव: इस दौरान आसमान में आंशिक बादल छा सकते हैं और वेस्ट यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं।
असर: इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और झुलसाने वाली गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिलेगी।
डॉक्टरों की सलाह: लू से बचें
बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ‘येलो अलर्ट’ जैसी सावधानी बरतने को कहा है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
बचाव के मुख्य उपाय:
तरल पदार्थ: दिन भर में पर्याप्त पानी, नींबू पानी, ओआरएस (ORS) या नारियल पानी का सेवन करें।
दोपहर की धूप: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
पहनावा: हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और बाहर निकलते समय सिर को तौलिये या टोपी से ढकें।
बुजुर्ग और बच्चे: घर के बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखें, क्योंकि उन पर गर्मी का असर तेजी से होता है।
खेती-किसानी पर असर
तेज धूप और गर्म हवाओं का असर फसलों पर भी पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों में नमी बनाए रखने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करें, ताकि तपिश के कारण फसलें झुलस न जाएं।
निष्कर्ष: मेरठवासियों के लिए अगले दो दिन अग्निपरीक्षा जैसे रहने वाले हैं। 12 मई का इंतजार ही एकमात्र सहारा है जब प्रकृति अपनी कृपा बरसा सकती है। तब तक सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें।