आगरा में ‘ऑटो गैंग’ का आतंक खत्म: राहगीरों को निशाना बनाने वाले तीन लुटेरे पुलिस की गिरफ्त में, जानें पूरा मामला
आगरा: ताजनगरी में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले शातिर लुटेरों के खिलाफ आगरा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना न्यू आगरा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो रात के सन्नाटे में ऑटो के जरिए राहगीरों को अपना निशाना बनाता था। पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध असलहा और लूटा गया सामान बरामद किया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत शनिवार रात से हुई जब शाहगंज के गाटर वाली गली निवासी इमरान के साथ लूटपाट हुई। इमरान रात करीब 1 बजे आईएसबीटी (ISBT) से अपने घर जाने के लिए एक ऑटो में सवार हुए थे। जैसे ही वह अबुल उलाह दरगाह कट पर उतरे और ऑटो चालक को किराया देने लगे, तभी पीछे से एक अन्य ऑटो पर सवार तीन युवक आए।
बदमाशों ने पलक झपकते ही इमरान के हाथ से पर्स छीना और तेजी से फरार हो गए। इमरान के पर्स में 1500 रुपये और जरूरी दस्तावेज थे। हालांकि, पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए भाग रहे ऑटो का नंबर नोट कर लिया, जो इस पूरे मामले को सुलझाने में सबसे अहम कड़ी साबित हुआ।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
लूट की शिकायत मिलते ही डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीम गठित की। पुलिस ने पीड़ित द्वारा दिए गए ऑटो नंबर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घेराबंदी शुरू की। रविवार सुबह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी पोइया घाट के पास छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने छापेमारी कर तीनों आरोपियों को उनके ऑटो समेत धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने अपने जुर्म को कबूल कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार है:
प्रशांत उर्फ बंटू: निवासी प्रकाशनगर, एत्माद्दौला (यह किराए पर ऑटो चलाता था और गैंग का मुख्य सूत्रधार था)।
फरमान उर्फ रियाज: निवासी टेढ़ी बगिया।
अभिषेक शर्मा उर्फ टकला: निवासी राधा नगर, टेढ़ी बगिया।
बरामदगी और पूछताछ में खुलासा
पुलिस ने आरोपियों के पास से पीड़ित का लूटा हुआ पर्स और मोबाइल बरामद किया है। इसके अलावा, अभियुक्त फरमान के पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस भी मिला है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे रात के समय शहर में ऑटो लेकर निकलते थे और उन राहगीरों को निशाना बनाते थे जो अकेले होते थे या बस स्टैंड/रेलवे स्टेशन से उतरकर घर जा रहे होते थे।
प्रशांत ऑटो चलाता था ताकि किसी को शक न हो, जबकि बाकी दो साथी झपट्टा मारकर सामान छीनने का काम करते थे। वारदात के बाद वे गलियों के रास्ते फरार हो जाते थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
जनता के लिए पुलिस की सलाह
डीसीपी सिटी ने इस कार्रवाई के बाद नागरिकों से अपील की है कि रात के समय सफर करते वक्त सतर्क रहें। यदि कोई संदिग्ध वाहन या व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। ऑटो में बैठने से पहले उसका नंबर जरूर देखें और संभव हो तो अपने परिचितों को साझा करें।
इस कार्रवाई से आगरा के लोगों ने राहत की सांस ली है, खासकर उन यात्रियों ने जो देर रात आईएसबीटी या रेलवे स्टेशन से आवाजाही करते हैं।