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UP: लखनऊ समेत 19 जिलों के 18.67 लाख स्मार्ट मीटर पोस्टपेड में बदले, उपभोक्ताओं को पहुंचने लगे संदेश

UP: 18.67 lakh smart meters in 19 districts including Lucknow converted to postpaid, messages started reaching

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने अपने अधिकार क्षेत्र के 19 जिलों में लगे 18.67 लाख स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित कर दिया है। उपभोक्ताओं को मीटर पोस्टपेड होने और बिजली बिल संदेश पहुंचने लगा है।

मध्यांचल निगम के तहत लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर, वाराबंकी, अयोध्या, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, पीलीभीत जिलों में कुल 19.53 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के घरों, दुकानों आदि पर लगाए गए थे।

इनमें में 18.67 लाख स्मार्ट मीटर को पहले प्रीपेड में तब्दील किया गया था जिन्हें फिर पोस्टपेड कर दिया गया है। इस संबंध में निगम के निदेशक (वाणिज्य) रजत जुनेजा ने बताया कि उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे संदेश में बैलेंस रकम का भी उल्लेख है।

पूर्वांचल, पश्चिमांचल, केस्को और दक्षिणांचल निगमों में भी उपभोक्ताओं को यह संदेश भेजा जा रहा है।
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माह की 10 तारीख तक आएगा बिल

पॉवर कॉर्पोरेशन के मुताबिक मई में उपभोग की गई बिजली का बिल का संदेश 10 जून तक उपभोक्ताओं के पास मोबाइल और व्हाट्सएप पर पहुंच जाएगा। उपभोक्ता स्मार्ट एप से बिल को डाउनलोड कर सकेंगे। आगे भी इसी तर्ज पर उपभोक्ताओं को हर माह की 10 तारीख तक यह बिल सीधे उनके मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा जिससे उन्हें अपने बिजली खपत और भुगतान के बारे में समय पर जानकारी मिल सकेगी।

मध्यांचल की लैब में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की जांच पर उठे सवाल

पॉवर कॉर्पोरेशन की ओर से स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की गुणवत्ता की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय समिति की कार्यप्रणाली पर उपभोक्ता परिषद ने सवाल उठाया है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि समिति ने विभिन्न कंपनियों के 24 स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की परीक्षण प्रयोगशाला (लैब) में जांच की।

इसी आधार पर अंतरिम रिपोर्ट तैयार की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) ने मध्यांचल की प्रयोगशाला को जो मान्यता दी है वह सिर्फ साधारण मीटरों के मानकों की जांच के लिए है। इसमें इंडियन स्टैंडर्ड (आईएस) 14697 व 13779 के मीटर आते हैं।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर का आईएस 16444 है। इस लिहाज से स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की जांच के लिए यह प्रयोगशाला अधिकृत नहीं है। कहा, मीटरों में कुछ पैरामीटर आम होते हैं उनकी जांच साधारण लैब में भी की जा सकती है लेकिन क्रिटिकल जांच नहीं की जा सकती है।

भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की महत्वपूर्ण जांच केवल उन्हीं प्रयोगशालाओं में की जा सकती है जो आईएस 16444 मानक के तहत अधिकृत हैं। यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में जो प्रमुख कमियां सामने आ रही हैं उनमें विद्युत आवश्यकताएं, ऊर्जा खपत, रेडियो प्रौद्योगिकी आवश्यकताएं, संचार क्षमता तथा कार्यात्मक आवश्यकताओं से संबंधित परीक्षण शामिल हैं। इन सभी परीक्षणों के लिए मध्यांचल की प्रयोगशाला अधिकृत नहीं है।

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