UP: निवेशकों को धोखा देने के लिए निदेशक बदलता रहा अंसल ग्रुप, सीबीआई जांच कई पूर्व निदेशक राडार पर
अंसल ग्रुप पर निवेशकों को धोखा देने के आरोपों के बीच जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी पर आरोप है कि उसने अलग-अलग परियोजनाओं में निवेशकों से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी से बचने और जांच को प्रभावित करने के लिए समय-समय पर निदेशकों (Directors) को बदला। अब कई पूर्व निदेशक भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने Ansal Properties & Infrastructure Limited से जुड़े कथित घोटालों की जांच तेज की है।
जांच में लखनऊ की सुषांत गोल्फ सिटी समेत दिल्ली की कई परियोजनाएं शामिल हैं। आरोप है कि वर्षों तक निवेशकों से धन लेने के बावजूद परियोजनाओं में अनियमितताएं हुईं और कई खरीदारों को नुकसान उठाना पड़ा।
जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कंपनी के बोर्ड में लगातार बदलाव क्यों किए गए और क्या इन बदलावों का उद्देश्य कानूनी जवाबदेही से बचना था। कुछ रिपोर्टों में 2026 के दौरान कई नए निदेशकों की नियुक्ति और पुराने अधिकारियों के हटने का भी उल्लेख है।
इसके अलावा, पुराने मामलों में भी कंपनी के निदेशकों की भूमिका पर अदालतों में बहस चलती रही है। एक मामले में अदालत में यह तर्क दिया गया कि कंपनी के कार्यों के लिए व्यक्तिगत निदेशकों की जिम्मेदारी तय करने के लिए उनके सीधे शामिल होने के सबूत जरूरी हैं।
सीबीआई के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियां भी वित्तीय लेन-देन, परियोजना दस्तावेज और निवेशकों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। आने वाले समय में कई पूर्व और वर्तमान अधिकारियों से पूछताछ हो सकती है।
