कानपुर

कानपुर: महिला आरक्षण बिल के विरोध पर फूटा गुस्सा, भाजपा युवा मोर्चा ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव का पुतला फूंका

Kanpur News Today: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बुधवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) को लेकर सियासी पारा चढ़ गया। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों द्वारा इस बिल के कथित विरोध के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए उनके पुतले दहन किए।

एडवोकेट मीनाक्षी गुप्ता के नेतृत्व में नारी शक्ति का प्रदर्शन

​यह प्रदर्शन भाजपा युवा मोर्चा की जिला मंत्री एडवोकेट मीनाक्षी गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में महिला कार्यकर्ता एकत्र हुईं और विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं का कहना था कि महिला आरक्षण बिल केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की आधी आबादी के सम्मान और उनके राजनीतिक सशक्तिकरण की कुंजी है।

विपक्ष को बताया ‘विकास और महिला विरोधी’

​पुतला दहन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मीनाक्षी गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को मुख्यधारा की राजनीति में लाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्षी दल अपनी संकीर्ण राजनीति के चलते इसमें बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी नीतियां हमेशा से महिला विरोधी रही हैं।

​उन्होंने आगे कहा, “यह बिल महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए अनिवार्य है। जो लोग आज इसका विरोध कर रहे हैं, वे असल में देश के विकास और नारी शक्ति के उत्थान के विरोधी हैं। देश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और वे अपने अधिकारों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगी।”

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी

​कानपुर की सड़कों पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा की कई महिला पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिला उपाध्यक्ष सीमा जी, रीता पासवान, सविता, मानसी, श्रुति और आकांक्षा जैसे प्रमुख नामों ने मंच से महिला आरक्षण के समर्थन में अपनी बात रखी। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि जब तक महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार (33% आरक्षण) पूरी तरह से जमीन पर नहीं मिल जाता, तब तक भाजपा का यह संघर्ष और जन-जागरण अभियान जारी रहेगा।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

​विपक्षी नेताओं का पुतला फूंके जाने और भारी भीड़ को देखते हुए कानपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं के संकल्प और नारों ने माहौल को पूरी तरह चुनावी और राजनीतिक बना दिया।

क्या है महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम)?

​आपको बता दें कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना है। भाजपा का दावा है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक कदम को उठाने का प्रयास किया गया, जबकि विपक्ष इसमें ओबीसी (OBC) कोटा और अन्य तकनीकी खामियों का हवाला देकर इसके कार्यान्वयन पर सवाल उठाता रहा है।

निष्कर्ष

​कानपुर में हुआ यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में महिला आरक्षण एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनने वाला है। भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं विपक्षी दल अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। फिलहाल, कानपुर की इस घटना ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *