हेमवती नंदन बहुगुणा जयंती: सीएम योगी ने लखनऊ में दी भावभीनी श्रद्धांजलि, कहा- ‘वह भारतीय राजनीति के अजेय स्तंभ थे’
भूमिका
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज राजनेता स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती के अवसर पर आज समूचे उत्तर प्रदेश ने उन्हें याद किया। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान सीएम योगी ने उनके व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की जमकर सराहना की।
भारतीय राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा जी भारतीय राजनीति के उन गिने-चुने स्तंभों में से एक थे, जिन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। सीएम ने कहा कि उनका पूरा जीवन जनसेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पित रहा।
पौड़ी गढ़वाल से लखनऊ और दिल्ली तक का सफर
बहुगुणा जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने उनके संघर्षों को याद किया:
- जन्म: उनका जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था।
- स्वतंत्रता संग्राम: वह छात्र जीवन से ही देश की आजादी के आंदोलनों में सक्रिय हो गए थे और ऐतिहासिक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
- प्रशासनिक अनुभव: उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्री के रूप में राज्य को विकास की नई दिशा दी। इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभालते हुए देश की प्रगति में योगदान दिया।
सादगी और विद्वता के धनी
सीएम योगी ने कहा कि बहुगुणा जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विद्वान और दूरदर्शी व्यक्तित्व थे। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया। उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णय आज भी राजनीतिक गलियारों में मिसाल के तौर पर देखे जाते हैं।
लखनऊ में उमड़ा जनसैलाब
हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती के अवसर पर लखनऊ में कई गणमान्य नागरिक, सरकार के वरिष्ठ मंत्री और उनके समर्थक उपस्थित रहे। सभी ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। इस मौके पर उनके परिवार के सदस्य और वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जिन्होंने उनके साथ बिताए संस्मरण साझा किए।
स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा के बारे में मुख्य तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जन्म स्थान | पौड़ी गढ़वाल (वर्तमान उत्तराखंड) |
| प्रमुख भूमिका | उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री |
| आंदोलन | भारत छोड़ो आंदोलन (1942) |
| विशेषता | लोकतांत्रिक मूल्यों के रक्षक और प्रखर वक्ता |
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दी गई यह श्रद्धांजलि न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम था, बल्कि यह उस महान नेता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक तरीका था, जिसने उत्तर प्रदेश की राजनीति को एक गरिमा प्रदान की। सीएम योगी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे बहुगुणा जी के आदर्शों और उनके संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।