CSJMU का शोध: नजरिया बदलने से हारेगा ‘सीजोफ्रेनिया’, 12 सप्ताह की विशेष CBT थैरेपी से मरीजों में हुआ सुधार
Chhatrapati Shahu Ji Maharaj University (CSJMU) के शोध में दावा किया गया है कि सोच और नजरिये में बदलाव लाने वाली विशेष “कॉग्निटिव बिहेवियरल थैरेपी” (CBT) से Schizophrenia के मरीजों में सकारात्मक सुधार देखा गया।
शोध के अनुसार, 12 सप्ताह तक दी गई विशेष CBT थैरेपी के बाद मरीजों की नकारात्मक सोच, भ्रम और सामाजिक व्यवहार में सुधार दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है
कि इस थैरेपी का उद्देश्य मरीजों को अपने विचारों और व्यवहार को समझने तथा उन्हें बेहतर तरीके से नियंत्रित करना सिखाना है।अध्ययन में यह भी सामने आया कि नियमित काउंसलिंग, परिवार का सहयोग और सकारात्मक वातावरण मरीजों की रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, केवल दवाओं के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक उपचार जोड़ने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।CBT थैरेपी में मरीजों को:नकारात्मक विचार पहचानने,तनाव और डर को नियंत्रित करने,
सामाजिक परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटने,और आत्मविश्वास बढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर शुरुआती चरण में सही इलाज और मनोवैज्ञानिक सहयोग मिले, तो Schizophrenia से जूझ रहे लोगों की जीवन गुणवत्ता काफी बेहतर हो सकती है।
