UP: कानूनी पचड़े में फंसी फिल्म ‘धुरंधर’, लखनऊ हाईकोर्ट ने निर्देशक आदित्य धर को बनाया प्रतिवादी; जानें पूरा मामला
लखनऊ। बॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘धुरंधर: द रीवेंज’ रिलीज से पहले ही बड़े विवादों में घिर गई है। फिल्म को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। इस मामले में फिल्म के निर्माता और प्रसिद्ध निर्देशक आदित्य धर को भी प्रतिवादी बनाया गया है, जिससे फिल्म जगत में हलचल तेज हो गई है।
क्या है विवाद की वजह?
फिल्म ‘धुरंधर’ के खिलाफ यह कानूनी मोर्चा ‘कयामती’ संस्था की अध्यक्ष साइमा खान की ओर से खोला गया है। याचिका में फिल्म के कुछ पहलुओं पर आपत्ति जताई गई है। हालांकि, सोमवार को हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि याचिका के साथ पर्याप्त सहायक सामग्री (Evidence/Content) संलग्न नहीं की गई थी।
हाईकोर्ट की खंडपीठ का आदेश
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने याची पक्ष को अपनी दलीलों के समर्थन में अतिरिक्त साक्ष्य और जरूरी दस्तावेज दाखिल करने की मोहलत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना पर्याप्त आधार के सुनवाई को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता, इसलिए याची को अन्य सामग्री पेश करने की अनुमति दी गई है।
अगली सुनवाई 28 अप्रैल को
न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अप्रैल 2026 की तिथि निर्धारित की है। अब सबकी निगाहें इसी तारीख पर टिकी हैं, क्योंकि इसी दिन यह तय होगा कि याचिका को स्वीकार किया जाएगा या खारिज। यदि याचिका स्वीकार होती है, तो आदित्य धर और उनकी टीम के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
फिल्म ‘धुरंधर’ के बारे में
बता दें कि ‘धुरंधर’ एक बड़े बजट की एक्शन थ्रिलर फिल्म बताई जा रही है, जिसमें रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं। आदित्य धर, जिन्होंने ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसी सुपरहिट फिल्म दी है, इस प्रोजेक्ट के साथ वापसी कर रहे हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह था, लेकिन अब इस कानूनी विवाद ने इसकी रिलीज और प्रमोशन पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
निष्कर्ष
सिनेमा और कानून का टकराव नया नहीं है, लेकिन आदित्य धर जैसे बड़े नाम का इस याचिका में प्रतिवादी होना मामले को गंभीर बनाता है। 28 अप्रैल को होने वाली सुनवाई यह तय करेगी कि ‘धुरंधर’ अपनी रफ्तार बनाए रखेगी या इसे कोर्ट के आदेशों के ब्रेक का सामना करना पड़ेगा।