लखनऊ

गोरखपुर: 24 शादियां कर चुके फर्जी IAS प्रीतम निषाद का काला चिट्ठा, शादी के नाम पर युवती से की 15 लाख की ठगी

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से जालसाजी और धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस और आम जनता दोनों दंग हैं। इटावा का रहने वाला एक शातिर ठग, प्रीतम कुमार निषाद, खुद को आईएएस (IAS) अधिकारी बताकर अब तक 24 महिलाओं की जिंदगी बर्बाद कर चुका है। ताजा मामला गोरखपुर के मोहद्दीपुर इलाके का है, जहां इस जालसाज ने एक युवती और उसके परिवार को शादी का झांसा देकर 15 लाख रुपये हड़प लिए।

सोशल मीडिया के जरिए बुना जाल

​पीड़ित युवती के पिता राधेश्याम कश्यप, जो वर्तमान में पैरालिसिस (लकवा) के कारण बिस्तर पर हैं, उन्होंने बताया कि यह सब एक सामाजिक वैवाहिक ग्रुप के माध्यम से शुरू हुआ। इटावा के लुधियात मोहल्ले के प्रीतम कुमार निषाद का बायोडाटा ग्रुप में आया था। प्रोफाइल में उसने खुद को 32 वर्षीय आईएएस अधिकारी बताया था और दावा किया था कि उसकी तैनाती चित्रकूट के मानिकपुर में एसडीएम (SDM) पद पर है।

​अपनी बातों को सच साबित करने के लिए प्रीतम ने परिवार को फर्जी आईकार्ड दिखाए और यूट्यूब पर मौजूद कुछ पुराने इंटरव्यू के वीडियो भी भेजे। दिल्ली में रहने वाली राधेश्याम की बड़ी बेटी ने शुरुआती बातचीत की और दिसंबर 2025 में जब आरोपी गोरखपुर आया, तो उसके शातिर व्यवहार और सलीके ने पूरे परिवार का दिल जीत लिया।

भारत सरकार लिखी गाड़ी और ‘फर्जी’ रुतबा

​शादी की तारीख 11 मार्च 2026 तय की गई थी। शुरुआत में प्रीतम ने खुद को बहुत ही आदर्शवादी दिखाते हुए दहेज लेने से इनकार कर दिया, लेकिन धीरे-धीरे उसने शादी के खर्च और अन्य बहानों से 15 लाख रुपये ऐंठ लिए। वह गोरखपुर में ‘भारत सरकार’ लिखी हुई एक लग्जरी कार से पहुंचा था और उसके साथ एक कथित ‘असिस्टेंट’ भी था जो हर वक्त फाइलें लेकर उसके पीछे चलता था। इस दिखावे ने परिवार के संदेह की हर गुंजाइश को खत्म कर दिया।

शादी के दिन ऐसे खुला राज

​11 मार्च को गोरखपुर के एक मैरिज हाउस में शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान होटल में रुके हुए कुछ शिक्षित रिश्तेदारों ने प्रीतम से उसकी पोस्टिंग और प्रशासनिक सेवा से जुड़े कुछ तकनीकी सवाल पूछे। प्रीतम इन सवालों का सही जवाब नहीं दे सका और टालमटोल करने लगा। जब उससे इटावा और मानिकपुर की दूरी के बारे में पूछा गया, तो उसने गलत तथ्य बताए।

​संदेह होने पर भतीजे और अन्य रिश्तेदारों ने प्रीतम के गांव का नंबर निकाला और वहां के स्थानीय लोगों से बात की। फोन पर जो जानकारी मिली, उसने सबके पैरों तले जमीन खिसका दी। ग्रामीणों ने बताया कि प्रीतम कोई अधिकारी नहीं बल्कि एक भगोड़ा ठग है, जो पहले भी कई शादियां कर चुका है और उस पर धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं।

विदाई के बाद इटावा में खुली पूरी पोल

​शादी के अगले दिन यानी 12 मार्च को, आरोपी ने फिर से अपनी वाकपटुता का इस्तेमाल किया और पुराने वीडियो दिखाकर परिवार को फिर से गुमराह कर दिया, जिसके बाद बेटी की विदाई कर दी गई। हालांकि, जब परिवार के लोग खुद इटावा पहुंचे, तो वहां की हकीकत देख उनकी आंखें फटी रह गईं। प्रीतम का घर बेहद जर्जर हालत में था और वहां बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं।

​कड़ाई से पूछताछ करने पर प्रीतम टूट गया और उसने स्वीकार किया कि वह आईएएस नहीं है, बल्कि एक निजी कंपनी में साधारण नौकरी करता है। जांच में पता चला कि वह अब तक 24 शादियां कर चुका है और हर बार नई पहचान के साथ भोली-भाली युवतियों को अपना शिकार बनाता है।

पुलिसिया कार्रवाई और पिता का दर्द

​पीड़ित पिता राधेश्याम कश्यप ने कहा, “उसने हमारी लाचारी का फायदा उठाया। मैं बीमार हूँ, आधा शरीर काम नहीं करता, फिर भी पाई-पाई जोड़कर बेटी की शादी की थी। उसने हमें कहीं का नहीं छोड़ा।” इस मामले में गोरखपुर के कैंट थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस की एक टीम इटावा के लिए रवाना हुई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इटावा के एकदिल थाने में प्रीतम के खिलाफ पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं।

निष्कर्ष और सुरक्षा सुझाव

​यह घटना एक चेतावनी है उन सभी परिवारों के लिए जो ऑनलाइन या सोशल मीडिया ग्रुप्स के माध्यम से वैवाहिक संबंध जोड़ते हैं। किसी भी व्यक्ति के पद या रुतबे पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले सरकारी वेबसाइटों पर उनके क्रेडेंशियल्स की जांच अवश्य करें।

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