Hardoi News: दिल की बीमारी से परेशान पश्चिम बंगाल के युवक की मौत
कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2026 10:54 PM IST

कछौना। पश्चिम बंगाल से हरिद्वार इलाज कराने जा रहे युवक की मंगलवार रात दून एक्सप्रेस में तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें ट्रेन से बालामऊ जंक्शन पर उतारा। एंबुलेंस से उन्हें कछौना सीएचसी पहुंचाया गया। चिकित्सक ने वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पश्चिम बंगाल के मानिक चौक जनपद के ग्राम धरमू टोला निवासी दुमका कर्मकार ने बताया कि उनके पति दुर्योधन (40) दिल की बीमारी से परेशान थे। उनका इलाज कराया जा रहा था। मंगलवार को वह ट्रेन संख्या 13009 दून एक्सप्रेस से पति का इलाज कराने के लिए हरिद्वार जा रही थीं। उनके साथ उनके पिता अशोक भी थे। इस दौरान कछौना कोतवाली क्षेत्र के दलेलनगर और बालामऊ जंक्शन के बीच ट्रेन में दुर्योधन की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने टोल फ्री नंबर 139 पर फोन किया फिर जीआरपी ने दुर्योधन को बालामऊ जंक्शन पर ट्रेन से उतरवाया।
दुर्योधन को एंबुलेंस से कछौना सीएचसी ले जाया गया। यहां चिकित्सक ने दुर्योधन को मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिवार में पत्नी और दो पुत्र हैं। आपसी सहमती से दुमका ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। बुधवार सुबह दुमका पति का शव लेकर पश्चिम बंगाल चली गईं। प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। परिजन आपसी सहमती से बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले गए हैं।35 हजार रुपये की मदद से शव लेकर दुमका पश्चिम बंगाल हुईं रवाना
बिना पोस्टमार्टम कराए दुमका को शव ले जाने की सहमति मिल गई फिर दुमका ने रुपये न होने की बात सीएचसी अधीक्षक शैलेंद्र शुक्ला और जीआरपी को बताई। इस पर सीएचसी अधीक्षक ने पत्रकारों के माध्यम से व्हाट्सएप ग्रुप पर महिला के विषय में संदेश पोस्ट कराया। सीएचसी अधीक्षक जीआरपी, पत्रकार, समाजसेवी, सीएचसी स्टाफ आदि लोगों ने सहयोग किया। रुपये इकट्ठा होने के बाद सीएचसी अधीक्षक ने 36 हजार रुपये दुमका को सौंप दिए। इसके बाद एंबुलेंस से दुमका शव लेकर रवाना हो गईं।