लखनऊ

​होली 2026: यूपी में मिलावटखोरों पर प्रशासन का हंटर, लखनऊ और कानपुर में भारी मात्रा में नकली घी-तेल जब्त:-

लखनऊ: रंगों का त्योहार होली खुशियाँ लेकर आता है, लेकिन इस खुशी के बीच आपकी सेहत में ‘जहर’ घोलने वाले मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आगामी होली पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने बड़े स्तर पर छापेमारी शुरू कर दी है। विशेष अभियान के शुरुआती चरणों में ही लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े शहरों में खाद्य पदार्थों में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं।

28 फरवरी तक चलेगा विशेष अभियान

​होली पर बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन ने 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक पूरे प्रदेश में विशेष जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान बिकने वाले खोया, पनीर, घी, तेल और मिठाइयों की शुद्धता सुनिश्चित करना है। जांच के केंद्र में निर्माण इकाइयां, कोल्ड स्टोरेज, रिलेबलर और मंडियां हैं, जहां विशेष कार्ययोजना के तहत छापेमारी की जा रही है।

लखनऊ में 41 लाख से अधिक की कचरी और हल्दी सीज

​राजधानी लखनऊ में विभाग की कार्रवाई ने मिलावटखोरों में हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान लगभग 23,893 किलोग्राम रंगीन कचरी और हल्दी को सीज किया है। जब्त किए गए इस सामान की कुल अनुमानित कीमत 41,02,220 रुपये बताई जा रही है।

​इतना ही नहीं, लखनऊ में स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माने जाने वाले 1,320 किलो खजूर को भी नष्ट कराया गया है, जिसकी कीमत करीब 2.64 लाख रुपये थी। इसके अलावा, 750 लीटर मिलावटी सरसों तेल और राइस ब्रान ऑयल के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया है। संबंधित व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कानपुर में नकली घी का बड़ा भंडार पकड़ा गया

​औद्योगिक नगरी कानपुर में भी प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। यहां एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी के दौरान 54.50 लाख रुपये की कीमत का नकली कुकिंग घी जब्त किया गया। मिलावटखोरी का जाल इतना फैला है कि शहर के अन्य इलाकों से भी 13,972 लीटर खाद्य तेल सीज किया गया है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 18.15 लाख रुपये आंकी गई है। कानपुर में भी भारी मात्रा में घटिया गुणवत्ता वाली रंगीन कचरी पकड़ी गई है।

इन खाद्य पदार्थों पर है विभाग की पैनी नजर

​त्योहार के दौरान मिलावट की सबसे ज्यादा संभावना निम्नलिखित वस्तुओं में रहती है, जिस पर विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है:

  • खोया और पनीर: गुझिया बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले खोये में अक्सर सिंथेटिक मिलावट पाई जाती है।
  • घी और वनस्पति: नकली खुशबू और एसेंस का उपयोग कर सस्ते तेल को घी के रूप में बेचा जा रहा है।
  • रंगीन कचरी और नमकीन: इनमें प्रतिबंधित रंगों (Synthetic Colors) का प्रयोग सेहत के लिए जानलेवा हो सकता है।
  • सरसों का तेल: राइस ब्रान या अन्य सस्ते तेलों की मिलावट।

सावधान रहें उपभोक्ता

​प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि बाजार में मिलावटी सामान की भरमार है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे विश्वसनीय दुकानों से ही सामान खरीदें और अत्यधिक चटख रंगों वाली खाने की चीजों से परहेज करें। यदि आपको किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट का संदेह है, तो तुरंत स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी सूचना दें।

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