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Kanpur: विदेशी हैकर व्हाट्सएप के आठ ग्रुपों से रच रहे ठगी की साजिश, अंग्रेजी में होती थी बातचीत

कानपुर में सामने आया यह मामला साइबर ठगी के बदलते तरीकों की ओर इशारा करता है, जहां विदेशी हैकर संगठित तरीके से WhatsApp ग्रुपों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, हैकरों ने करीब 8 व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे।इन ग्रुपों में बातचीत अंग्रेजी भाषा में होती थी ताकि शक कम हो और इंटरनेशनल नेटवर्क जैसा लगे।ग्रुप में शामिल लोगों को ऑनलाइन टास्क, निवेश या फर्जी जॉब ऑफर देकर फंसाने की कोशिश की जा रही थी।

ठगी का तरीकापहले लोगों को ग्रुप में जोड़ा जाता है।फिर छोटे-छोटे टास्क देकर शुरुआत में पैसे वापस किए जाते हैं ताकि भरोसा बने।बाद में बड़ी रकम निवेश या ट्रांसफर करने को कहा जाता है।जैसे ही पैसा ट्रांसफर होता है, हैकर संपर्क तोड़ देते हैं।

क्यों खतरनाक है यह तरीका?

अंग्रेजी में बातचीत होने से लोग इसे विदेशी कंपनी या असली प्रोजेक्ट समझ लेते हैं।ग्रुप में कई फर्जी अकाउंट मिलकर माहौल बनाते हैं कि लोग सच में पैसा कमा रहे हैं।

यह एक तरह का सोशल इंजीनियरिंग फ्रॉड है, जिसमें मानसिक रूप से भरोसा जीतकर ठगी की जाती है।पुलिस की कार्रवाईसाइबर क्राइम टीम ने इन ग्रुपों की ट्रैकिंग शुरू कर दी है।कई संदिग्ध नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है।

आप कैसे बचें?

किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ने से बचें।“कम समय में ज्यादा कमाई” वाले ऑफर पर भरोसा न करें।किसी भी लिंक या ऐप को बिना जांच डाउनलोड न करें।ठगी का शक हो तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल (1930 हेल्पलाइन) पर शिकायत करें।

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