कानपुर

​कानपुर: सेना के अधिकारी की गैरमौजूदगी में पैतृक संपत्ति पर भू-माफिया का धावा, मकान ढहाकर किया कब्जा

कानपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सीमा पर देश की रक्षा कर रहे भारतीय सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल की अनुपस्थिति में उनके पैतृक मकान को निशाना बनाया गया। बिठूर थाना क्षेत्र के वाल्मीकि नगर में दबंगों ने न केवल अधिकारी के मकान को अवैध रूप से ध्वस्त कर दिया, बल्कि वहाँ पिलर खड़े कर नई दीवारें भी बना लीं। जब अधिकारी अपनी ड्यूटी से वापस लौटे, तो घर का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से केरल के कोझिकोड (मालाबार) निवासी मनु राजेंद्र नारायण महेश भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती पूर्वोत्तर भारत के संवेदनशील काउंटर इंसर्जेंसी और सीमा सुरक्षा क्षेत्र में है। बिठूर के वाल्मीकि नगर में उनका पैतृक आवास है, जिसकी देखरेख वह समय-समय पर करते रहते हैं।

​लेफ्टिनेंट कर्नल मनु राजेंद्र ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात थे। उनकी इसी अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए स्थानीय जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले विजय चतुर्वेदी, किरण देवी और उनके कुछ अज्ञात साथियों ने एक सुनियोजित साजिश रची।

मकान तोड़ा, पिलर खड़े किए और सामान किया पार

​शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने अवैध रूप से उनके पैतृक मकान के एक बड़े हिस्से को बुलडोजर या भारी उपकरणों की मदद से ध्वस्त कर दिया। इतना ही नहीं, जमीन पर कब्जा करने की नीयत से वहां आनन-फानन में पिलर खड़े कर दिए गए और नई दीवारें चुन दी गईं।

​जब 16 अप्रैल 2026 को लेफ्टिनेंट कर्नल छुट्टी लेकर बिठूर पहुंचे, तो उन्हें अपना घर खंडहर में तब्दील मिला। घर के अंदर रखा कीमती घरेलू सामान, फर्नीचर और अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियां गायब थीं। आरोपियों ने न केवल निर्माण कार्य शुरू कर दिया था, बल्कि घर की ईंटें तक निकाल ली थीं। पूरा परिसर तहस-नहस पाया गया।

रंगदारी मांगने और डराने का आरोप

​लेफ्टिनेंट कर्नल का आरोप है कि जब उन्होंने इस अवैध कब्जे का विरोध किया और अपनी संपत्ति वापस मांगी, तो आरोपियों ने उनसे मोटी रकम (रंगदारी) की मांग की। आरोपियों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर उन्हें संपत्ति वापस चाहिए या कब्जा छोड़वाना है, तो उन्हें रुपयों का भुगतान करना होगा। सेना के अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने उनकी नौकरी और बाहर रहने की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी जीवन भर की जमा पूंजी और पैतृक विरासत को हड़पने का प्रयास किया है।

पुलिस की कार्रवाई और दर्ज धाराएं

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित अधिकारी ने एसीपी कल्याणपुर से मुलाकात की और न्याय की गुहार लगाई। एसीपी के निर्देश पर बिठूर थाना पुलिस हरकत में आई। बिठूर इंस्पेक्टर अनिल कुमार सरोज ने मीडिया को बताया कि लेफ्टिनेंट कर्नल की तहरीर के आधार पर विजय चतुर्वेदी, किरण देवी और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

​पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित आरोपों में रिपोर्ट दर्ज की है:

  • जबरन वसूली (Extortion)
  • चोरी (Theft)
  • संपत्ति को नुकसान पहुंचाना (Mischief)
  • गृह अतिचार (House Trespass)

कानपुर में भू-माफियाओं का बढ़ता दुस्साहस

​यह घटना कानपुर में भू-माफियाओं के बढ़ते मनोबल को दर्शाती है। यदि देश की सुरक्षा करने वाले एक सैन्य अधिकारी की संपत्ति सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा होना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिठूर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक क्षेत्र में जमीन की कीमतें बढ़ने के कारण इस तरह के अवैध कब्जे के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

​फिलहाल, पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। इंस्पेक्टर बिठूर का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और अवैध निर्माण को हटाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *