कानपुर में जालसाजी: आवास और नौकरी का झांसा देकर 29 परिवारों को लगाया लाखों का चूना, अब कोर्ट के आदेश पर FIR
कानपुर, उत्तर प्रदेश: शहर के चकेरी थाना क्षेत्र से ठगी का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है, जहाँ खुद को रसूखदार बताकर एक पिता-पुत्र की जोड़ी ने करीब 29 गरीब लोगों को सरकारी आवास और नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली। पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर पीड़ितों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अब चकेरी थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
मामले का खुलासा रायपुरवा के कोपरगंज निवासी आशीष कुमार की शिकायत के बाद हुआ। आशीष, जो पेशे से मजदूर हैं, ने बताया कि उनकी जान-पहचान श्यामनगर के रक्षा विहार निवासी पवन कुमार से थी। पवन ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए दावा किया कि उसके पिता दिनेश कुमार गन फैक्ट्री (Gun Factory) में कार्यरत हैं।
पवन ने आशीष और उनके साथियों को झांसा दिया कि उसके पिता की पहुंच बहुत ऊपर तक है। उसने दो बड़े वादे किए:
- मेट्रो या गन फैक्ट्री में सरकारी नौकरी लगवाना।
- ‘गरीब आवास योजना’ के तहत सरकारी कॉलोनी का आवंटन कराना।
7 लाख रुपये लेकर मुकर गए आरोपी
आवास की चाहत में आशीष समेत कुल 29 लोगों ने अपनी जमा-पूंजी इकट्ठा की और कुल 7 लाख रुपये पवन और उसके पिता दिनेश को सौंप दिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब किसी को कॉलोनी आवंटित नहीं हुई, तो पीड़ितों ने पूछताछ शुरू की। शुरुआत में पिता-पुत्र उन्हें जल्द ही आवास मिलने का आश्वासन देकर टालते रहे।
विरोध करने पर मिली धमकी
जब महीनों बीत गए और कोई परिणाम नहीं निकला, तो 25 जून 2025 को पीड़ित दिनेश के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद पिता-पुत्र ने रुपये वापस करने के बजाय पीड़ितों के साथ अभद्रता की। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें लूटपाट और छेड़छाड़ के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर वहां से भगा दिया गया।
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई
पीड़ित आशीष कुमार ने आरोप लगाया कि शुरू में स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया। न्याय न मिलता देख उन्होंने अदालत की शरण ली। कोर्ट के कड़े रुख के बाद अब चकेरी थाना पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है कि इस गिरोह में क्या कुछ और लोग भी शामिल हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
सावधान रहें!
सरकारी आवास या नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को नकद भुगतान न करें। सरकार की सभी योजनाएं आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभाग के कार्यालय के माध्यम से संचालित होती हैं। किसी भी बिचौलिए के झांसे में आने से बचें।