कानपुर: रेलवे ट्रैक पर पिता-पुत्री के शव मिले, 100 मीटर दूर खड़ी कार से बढ़े सवाल; पुलिस की सुस्ती पर उठे प्रश्न
उत्तर प्रदेश के कानपुर से सटे शुक्लागंज क्षेत्र में सोमवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के सहजनी रेलवे क्रॉसिंग के पास कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर पिता और उनकी 13 वर्षीय पुत्री के शव रेलवे ट्रैक पर मिले। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब नौ बजे गेटमैन ने ट्रैक पर दो शव पड़े होने की सूचना स्टेशन मास्टर को दी। इसके बाद आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शव ट्रैक पर लगभग तीन मीटर की दूरी पर अलग-अलग पड़े थे। घटना के कारण कुछ समय के लिए रेल यातायात भी प्रभावित रहा।
मृतकों की पहचान मूल रूप से कानपुर के कल्याणपुर निवासी विकास गुप्ता और उनकी बेटी वेदिका (13) के रूप में हुई। वर्तमान में परिवार सहजनी क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद के बाद आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर एक कार खड़ी मिली, जो लॉक थी। कार के अंदर दो पर्स और दो मोबाइल फोन दिखाई दे रहे थे। पुलिस को मृतक की कमर में चाबी का गुच्छा भी मिला, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वही कार की चाबी हो सकती थी। इसके बावजूद पुलिस ने मौके पर कार का लॉक खोलने का प्रयास नहीं किया। यही बात स्थानीय लोगों और परिजनों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
घटना के करीब चार घंटे बाद दोनों की शिनाख्त हो सकी। आरोप है कि पुलिस तकनीकी कारणों और नेटवर्क समस्या का हवाला देती रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और पुलिस एप के बावजूद समय रहते पहचान न होना लापरवाही को दर्शाता है।
सूचना मिलने पर मृतक की पत्नी डॉली थाने पहुंचीं, जहां पति और बेटी की मौत की खबर सुनकर वह बेहोश हो गईं। परिजनों के अनुसार, हाल के दिनों में पारिवारिक विवाद चल रहा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।