Lucknow News: जिले की गोशालाओं को दान के भूसे की दरकार
लखनऊ से जुड़ी इस खबर में गोशालाओं में चारे की कमी एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है।क्या है पूरा मामला?जिले की 85 गोशालाओं में करीब 18,354 गोवंश संरक्षित हैं।
इन पशुओं के लिए सालभर में लगभग 2.64 लाख क्विंटल भूसे की जरूरत होती है। लेकिन समय पर पर्याप्त चारा उपलब्ध न होने से समस्या बनी रहती है। प्रशासन ने क्या फैसला लिया?
अगले 6 महीनों के लिए करीब 25 हजार क्विंटल भूसा दान में जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसानों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद ली जाएगी। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है
कि वे लोगों को दान के लिए प्रेरित करें। क्यों जरूरी पड़ा यह कदम?सरकार की ओर से प्रति पशु चारे के लिए कुछ धन मिलता है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं पड़ता। गर्मी और संसाधनों की कमी के कारण कई बार भूसा और हरा चारा समय पर नहीं मिल पाता। सरकार की व्यापक योजनापूरे उत्तर प्रदेश में भी भूसा संग्रह अभियान चल रहा है,
जिसमें दान और खरीद दोनों माध्यम अपनाए जा रहे हैं। लक्ष्य यह है कि किसी भी गोशाला में चारे की कमी न हो और गोवंश का बेहतर संरक्षण हो। आम लोगों से अपीलपशुपालन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आगे आकर भूसा दान करें, ताकि गोशालाओं में रहने वाले पशुओं को भोजन की कमी का सामना न करना पड़े।
👉 कुल मिलाकर, लखनऊ में गोशालाओं के लिए चारे की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन अब समाज की भागीदारी पर निर्भर है।

