Lucknow News: 15 वर्ष में ढाई गुना बढ़े फैटी लिवर के मरीज
Lucknow News: 15 वर्ष में ढाई गुना बढ़े फैटी लिवर के मरीज
15 वर्ष में ढाई गुना बढ़े फैटी लिवर के मरीज —
जीवनशैली बन रही सबसे बड़ी वजहलखनऊ में फैटी लिवर (Fatty Liver) के मरीजों की संख्या पिछले 15 वर्षों में करीब ढाई गुना बढ़ गई है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह बीमारी अब सिर्फ बुजुर्गों या शराब पीने वालों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों और युवाओं में भी तेजी से फैल रही है।
यह स्थिति शहर में एक गंभीर “साइलेंट हेल्थ क्राइसिस” का रूप लेती जा रही है।तेजी से बढ़ रहे मामले, बच्चों में भी खतराशहर के बड़े सरकारी अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों के आंकड़े बताते हैं कि पहले जहां फैटी लिवर के मामले कम देखने को मिलते थे, वहीं अब ओपीडी में आने वाले मरीजों का बड़ा हिस्सा इस बीमारी से प्रभावित है।
एक हालिया अध्ययन में सामने आया कि लखनऊ में लीवर संबंधी समस्या लेकर आने वाले बच्चों में लगभग हर दूसरा बच्चा फैटी लिवर से ग्रसित है।
The Times of Indiaविशेषज्ञों का कहना है कि 5 से 13 वर्ष की उम्र के बच्चों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है, जो पहले बेहद दुर्लभ मानी जाती थी।15 साल में ढाई गुना वृद्धि क्यों?डॉक्टर इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से बदलती जीवनशैली को जिम्मेदार मानते हैं—
जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता सेवनशारीरिक गतिविधि में कमीस्क्रीन टाइम (मोबाइल/टीवी) का ज्यादा होनामोटापा और डायबिटीज के बढ़ते मामलेरिपोर्ट के अनुसार, लगभग 70% बच्चे नियमित रूप से फास्ट फूड खा रहे हैं और रोजाना 3–4 घंटे स्क्रीन पर बिताते हैं।
The Times of Indiaअब “नॉन-अल्कोहलिक” फैटी लिवर ज्यादापहले यह माना जाता था कि फैटी लिवर केवल शराब पीने से होता है, लेकिन अब नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर (NAFLD/MASLD) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।भारत में लगभग हर तीसरा वयस्क किसी न किसी स्तर पर फैटी लिवर से प्रभावित माना जा रहा है।
The Indian Expressखतरनाक क्यों है यह बीमारी?फैटी लिवर को “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण नजर नहीं आते।अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह बीमारी आगे चलकर:लीवर में सूजन (Hepatitis)फाइब्रोसिस (scarring)सिरोसिस (लिवर खराब होना)यहां तक कि लिवर कैंसरका कारण बन सकती है।
युवाओं और महिलाओं में भी बढ़ता खतराविशेषज्ञों के अनुसार अब यह बीमारी सिर्फ पुरुषों तक सीमित नहीं रही। महिलाओं और युवाओं में भी इसके मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी इसकी पहुंच बढ़ रही है।
The Indian Expressक्या है समाधान?डॉक्टरों का मानना है कि अच्छी बात यह है कि शुरुआती चरण में फैटी लिवर पूरी तरह ठीक हो सकता है। इसके लिए जरूरी है—
संतुलित और पौष्टिक आहाररोजाना कम से कम 30–45 मिनट व्यायामवजन नियंत्रित रखनानियमित स्वास्थ्य जांचजंक फूड और मीठे पेय से दूरीविशेषज्ञों का कहना है कि 80–90% मामलों को सही जीवनशैली अपनाकर रोका जा सकता है।
The Times of Indiaनिष्कर्षलखनऊ में फैटी लिवर के मरीजों की ढाई गुना वृद्धि केवल एक मेडिकल समस्या नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली का संकेत है।
यदि समय रहते जागरूकता और रोकथाम पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले वर्षों में यह बीमारी और गंभीर रूप ले सकती है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी साफ है—
👉 “अभी सावधान हो जाइए, वरना यह साइलेंट बीमारी भविष्य में बड़ी महामारी बन सकती है।”
