लखनऊ

​मेधा का परचम: किसान के बेटे मनप्रियम ने CUET PG में हासिल की ऑल इंडिया 4थी रैंक, लखनऊ विश्वविद्यालय का नाम किया रोशन

भूमिका

​कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और मेहनत में ईमानदारी हो, तो संसाधनों की कमी कभी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक होनहार छात्र मनप्रियम ने इस बात को सच कर दिखाया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित सीयूईटी पीजी (CUET PG) 2026 की परीक्षा में मनप्रियम ने पूरे भारत में चौथी रैंक हासिल कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है।

शानदार स्कोर: 300 में से 259 अंक

​लखनऊ विश्वविद्यालय में बीएससी (BSc) छठे सेमेस्टर के छात्र मनप्रियम ने गणित विषय में यह उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार शाम जारी हुए परिणामों में उन्होंने 300 में से 259 अंक प्राप्त किए। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि लखनऊ विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्तर पर भी एक नया सितारा टांक दिया है।

दोहरी सफलता: IIT JAM में भी गाड़ा झंडा

​मनप्रियम की प्रतिभा केवल सीयूईटी तक ही सीमित नहीं है। इससे पहले उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक IIT JAM (Joint Admission Test for Masters) में भी अपनी छाप छोड़ी थी। आईआईटी जैम में उन्होंने ऑल इंडिया 45वीं रैंक हासिल की थी। एक ही सत्र में दो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में ऐसी शानदार रैंक लाना उनकी विषय पर पकड़ और कड़ी मेहनत को दर्शाता है।

स्व-अध्ययन (Self-Study) बना जीत का मंत्र

​आज के दौर में जहाँ छात्र महंगी कोचिंग और भारी-भरकम फीस के पीछे भागते हैं, वहीं मनप्रियम ने सेल्फ-स्टडी के दम पर यह मुकाम पाया है। उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा लेने के बजाय खुद के नोट्स और नियमित अभ्यास पर भरोसा किया।

​”मेरा लक्ष्य गणित के क्षेत्र में उत्कृष्ट उच्च शिक्षा प्राप्त करना और शोध (Research) करना है। इन रैंकों के बाद अब मुझे देश के शीर्ष संस्थानों में दाखिला लेने का अवसर मिलेगा।” – मनप्रियम

पारिवारिक पृष्ठभूमि: किसान पिता का बढ़ा मान

​मनप्रियम की जड़ें मिट्टी से जुड़ी हैं। वे लखनऊ के कानपुर रोड स्थित हिंद नगर के रहने वाले हैं।

  • पिता: यदुनाथ सिंह मुरारी, जो एक किसान होने के साथ-साथ रचनाधर्मी भी हैं।
  • माता: पंखुड़ी सिंह, जो एक गृहिणी हैं।

​एक साधारण किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में टॉप-5 में जगह बनाना समाज के लिए एक प्रेरणा है। मनप्रियम ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।

भविष्य की राह और शोध की इच्छा

​गणित में गहरी रुचि रखने वाले मनप्रियम अब देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIT या JNU जैसे विश्वविद्यालयों में दाखिला ले सकते हैं। उनका अंतिम लक्ष्य गणित के क्षेत्र में शोध (Research) करना और इस विषय की जटिलताओं को सुलझाकर शिक्षा जगत में योगदान देना है।

सफलता से जुड़ी मुख्य बातें (Key Highlights)

विवरणजानकारी
नाममनप्रियम
विश्वविद्यालयलखनऊ विश्वविद्यालय (BSc 6th Sem)
परीक्षाCUET (PG) 2026
ऑल इंडिया रैंक4 (Fourth Rank)
प्राप्तांक259 / 300
अन्य उपलब्धिIIT JAM में 45वीं रैंक
तैयारी का तरीकास्व-अध्ययन (Self Study)

निष्कर्ष

​मनप्रियम की सफलता उन हजारों युवाओं के लिए एक मिसाल है जो छोटे शहरों या साधारण परिवारों से आते हैं। उनकी कहानी सिखाती है कि यदि आप अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हैं, तो लखनऊ से लेकर पूरे भारत के शिखर तक का सफर तय करना मुमकिन है। उनकी इस उपलब्धि पर लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों ने भी उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

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