Prayagraj: पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह से मचा हड़कंप, पंपों पर लगी भारी भीड़; प्रशासन ने जारी की चेतावनी
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में बुधवार और गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया, जब सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह फैल गई। इस ‘हल्ले’ के बाद शहर के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग इस कदर घबराए हुए थे कि देर रात तक और गुरुवार सुबह तड़के से ही अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए लाइनों में डटे रहे।
अफवाह का कारण: ईरान-इजरायल युद्ध का डर
फरियादियों और लाइन में लगे लोगों के बीच यह चर्चा आम थी कि ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण भविष्य में कच्चे तेल की सप्लाई रुक सकती है। इसी डर से शहरवासियों ने समय रहते स्टॉक करना शुरू कर दिया। सिविल लाइंस, सुभाष चौराहा, हाईकोर्ट और नैनी जैसे इलाकों में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
प्रशासन की सफाई: “8 से 10 दिन का स्टॉक मौजूद”
बढ़ती भीड़ और पैनिक को देखते हुए जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग ने मोर्चा संभाला। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया:
- दैनिक खपत: प्रयागराज में रोज लगभग 8 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत होती है।
- मौजूदा स्टॉक: वर्तमान में पेट्रोल पंपों पर ही 57 लाख लीटर का स्टॉक मौजूद है (जो 8-10 दिन के लिए पर्याप्त है)।
- अतिरिक्त बैकअप: टैंकरों में 5-6 दिन और प्लांट में दो महीने का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले में ईंधन की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है।
पुलिस की निगरानी में हुई तेल की बिक्री
भीड़ इतनी अनियंत्रित हो गई थी कि सिविल लाइंस और सुलेमसराय जैसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम लग गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस ने बैरिकेडिंग की और कतारबद्ध तरीके से वाहनों को पेट्रोल उपलब्ध कराया। डीसीपी मनीष शांडिल्य के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख पंपों पर पुलिस बल तैनात किया गया था।
कुछ पंप क्यों हुए बंद?
शहर के कुछ इलाकों जैसे मुंडेरा चुंगी और ऑटो सेल्स के पंप बंद पाए गए, जिससे लोगों का डर और बढ़ गया। इस पर अधिकारियों ने बताया कि अचानक बढ़ी मांग के कारण कुछ पंपों का डेली कोटा खत्म हो गया था। टैंकरों के पहुंचते ही सप्लाई दोबारा बहाल कर दी गई। कुछ पंप तकनीकी औपचारिकताओं के कारण कुछ घंटों के लिए बंद रहे थे।
निष्कर्ष: हड़बड़ाने की जरूरत नहीं
प्रयागराज की जनता को यह समझने की आवश्यकता है कि अफवाहें पैनिक पैदा करती हैं, जिससे वास्तविक किल्लत न होते हुए भी अव्यवस्था फैल जाती है। प्रशासन ने पुष्टि की है कि सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है। अतः, अपनी जरूरत के हिसाब से ही ईंधन लें और अफवाह फैलाने वालों से बचें।