सऊदी अरब मिसाइल हमले में सीतापुर के युवक की मौत: विधायक ने रक्षा मंत्री से कराई परिजनों की बात, प्रशासन ने दिया मदद का भरोसा
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए बघाइन गांव के 26 वर्षीय युवक रवि गोपाल की एक मिसाइल हमले में मौत हो गई है। इस घटना के बाद से ही मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हालांकि, घटना के शुरुआती दिनों में प्रशासनिक उपेक्षा के बाद अब सरकार और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
सीतापुर के बघाइन गांव का रहने वाला रवि गोपाल (26) अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए सऊदी अरब में काम कर रहा था। बीते 18 मार्च को वहां हुए एक अचानक मिसाइल हमले में रवि की जान चली गई। रवि की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपने बेटे के शव को भारत वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं।
प्रशासन की नींद खुली, नायब तहसीलदार पहुंचे गांव
शुरुआती दो दिनों तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के पीड़ित परिवार के पास न पहुंचने पर मीडिया में खबरें प्रमुखता से प्रकाशित हुईं। इसके बाद जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. के निर्देश पर नायब तहसीलदार राकेश त्रिवेदी शनिवार को बघाइन गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई। तहसील प्रशासन ने शोक संतप्त परिवार को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
विधायक आशा मौर्य की पहल: रक्षा मंत्री से हुई बात
स्थानीय विधायक आशा मौर्य ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके घर का दौरा किया। उन्होंने मौके पर ही देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर मृतक के परिजनों की बात कराई। रक्षा मंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने शव को भारत लाने और नियमानुसार सहायता प्रदान करने का भरोसा दिलाया है।
परिवार की मांग और चुनौतियां
रवि गोपाल अपने परिवार का सहारा था। उसके निधन से न केवल एक मां ने अपना बेटा खोया है, बल्कि परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। परिजनों ने सरकार से मांग की है कि रवि के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक गांव लाया जाए ताकि उसका अंतिम संस्कार किया जा सके। साथ ही, उन्होंने सऊदी अरब में काम करने वाले अन्य भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की है।
निष्कर्ष
विदेशों में काम कर रहे भारतीय कामगारों की सुरक्षा एक बड़ा विषय है। रवि गोपाल की मौत ने एक बार फिर संघर्षरत परिवारों की पीड़ा को सामने ला दिया है। अब जबकि रक्षा मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन ने दखल दिया है, उम्मीद है कि परिवार को जल्द न्याय और सहायता प्राप्त होगी। उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के समन्वय से मृतक के शव को वापस लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।