UP: प्रदेश में गर्मी का तांडव, लू के थपेड़ों से मची त्राहि; दस जिलों में रेड अलर्ट; जानें इसके वैज्ञानिक कारण
भीषण गर्मी और लू ने पूरे उत्तर प्रदेश में हालात कठिन कर दिए हैं। कई जिलों में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और मौसम विभाग ने 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
खासकर वाराणसी, प्रयागराज, झांसी और बुंदेलखंड क्षेत्र में लू का असर बेहद तेज देखा जा रहा है। गर्मी बढ़ने के पीछे कई वैज्ञानिक कारण माने जा रहे हैं:पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर होनाउत्तर भारत में इस समय कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इससे ठंडी हवाएं नहीं पहुंच रहीं और तापमान लगातार बढ़ रहा है।
एंटी-साइक्लोन सिस्टमउत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर उच्च दबाव (High Pressure System) बना हुआ है। इससे गर्म हवाएं नीचे की ओर दब रही हैं और वातावरण और अधिक गर्म हो रहा है।सूखी और गर्म पछुआ हवाएंराजस्थान और मध्य भारत से आने वाली शुष्क पछुआ हवाएं यूपी में लू को और खतरनाक बना रही हैं।
नमी कम होने से शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो रहा है।बादलों और बारिश की कमीलंबे समय से बारिश न होने और आसमान साफ रहने के कारण सूरज की किरणें सीधे जमीन को गर्म कर रही हैं।शहरीकरण और कंक्रीट प्रभावशहरों में कंक्रीट, डामर सड़कें और कम हरियाली “हीट आइलैंड इफेक्ट” पैदा कर रही हैं,
जिससे रात में भी तापमान कम नहीं हो रहा।जलवायु परिवर्तन (Climate Change)वैज्ञानिकों के अनुसार वैश्विक तापमान वृद्धि के कारण हीट वेव की घटनाएं पहले से ज्यादा लंबी और तीव्र हो रही हैं।यह एक सामान्य रैखिक वृद्धि का उदाहरण है, जिससे समझा जा सकता है कि समय के साथ औसत तापमान बढ़ने की प्रवृत्ति कैसे दिखाई जाती है।
किन जिलों में ज्यादा असर?
बुंदेलखंड, पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिलों में हालात ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। बांदा, झांसी, हमीरपुर, प्रयागराज, वाराणसी और मिर्जापुर जैसे इलाकों में लू का खतरा अधिक है।
बचाव के उपायदोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचेंज्यादा पानी और ORS लेंहल्के सूती कपड़े पहनेंबच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखेंखाली पेट धूप में न निकलेंयदि लू लगने पर तेज बुखार, चक्कर, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
