लखनऊ

UP News: देश के साथ गद्दारी! ISI के लिए जासूसी करने वाला नौसेना का लांस नायक गिरफ्तार, फोटो के बदले लिए थे पैसे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) ने देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एटीएस ने भारतीय नौसेना (Indian Navy) के एक लांस नायक को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आदर्श कुमार उर्फ लकी के रूप में हुई है, जो केरल के कोच्चि में तैनात था।

आगरा से हुई गिरफ्तारी, कोच्चि में थी तैनाती

​मूल रूप से आगरा के रहने वाले आदर्श कुमार को यूपी एटीएस ने मंगलवार को आगरा से ही दबोचा। वह भारतीय नौसेना की दक्षिणी नेवल कमांड (Southern Naval Command), कोच्चि में लांस नायक के पद पर कार्यरत था। गिरफ्तारी के बाद उसे लखनऊ लाया गया, जहाँ घंटों चली पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

युद्धक पोतों की तस्वीरें और लोकेशन ISI को भेजी

​एटीएस की जांच में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आदर्श कुमार सामरिक महत्व की गोपनीय सूचनाएं सीमा पार अपने आकाओं को भेज रहा था।

  • गोपनीय डेटा: उसने नौसेना के कई संवेदनशील युद्धपोतों (Warships) की तस्वीरें और उनकी सटीक लोकेशन आईएसआई हैंडलर के साथ साझा की थी।
  • पैसों का लालच: जांच में पुष्टि हुई है कि इन महत्वपूर्ण जानकारियों को भेजने के बदले उसके बैंक खातों में मोटी रकम ट्रांसफर की गई थी।

कैसे फंसा एटीएस के जाल में?

​यूपी एटीएस लंबे समय से कुछ संदिग्ध पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क सूत्रों की निगरानी कर रही थी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के दौरान आदर्श कुमार का नाम रडार पर आया। एटीएस ने जब उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स और वित्तीय गतिविधियों का मिलान किया, तो आईएसआई एजेंटों के साथ उसके सीधे संबंधों की पुष्टि हो गई।

आगे की कार्रवाई: रिमांड पर लेगी एटीएस

​हालांकि आरोपी को जेल भेज दिया गया है, लेकिन एटीएस जल्द ही उसे पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं। एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके साथ सेना के कुछ और लोग भी जुड़े हैं या नहीं, और उसने अब तक कितनी संवेदनशील जानकारी लीक की है।

निष्कर्ष

​रक्षा क्षेत्र में जासूसी की यह घटना भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। ‘हनी ट्रैप’ या पैसों के लालच में आकर देश की गोपनीय सूचनाएं दुश्मन देश को देना एक गंभीर अपराध है। यूपी एटीएस की इस सतर्कता ने एक बड़े खतरे को टाल दिया है, लेकिन सुरक्षा तंत्र में छिपे ऐसे ‘दीमकों’ की पहचान करना अब भी एक बड़ी चुनौती है।

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