UP Home Guard Exam 2026: परीक्षा के पहले दिन प्रयागराज में उमड़ा युवाओं का सैलाब, स्टेशनों पर मची अफरा-तफरी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा 2026 का आगाज शनिवार को भारी गहमागहमी के बीच हुआ। संगम नगरी प्रयागराज में परीक्षा के पहले ही दिन अभ्यर्थियों का ऐसा रेला उमड़ा कि शहर की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। रेलवे स्टेशन हों या बस अड्डे, हर तरफ सिर ही सिर नजर आ रहे थे। आलम यह था कि परीक्षा समाप्त होते ही हजारों की संख्या में अभ्यर्थी रेलवे स्टेशनों की ओर दौड़ पड़े, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
स्टेशनों पर ‘तिल रखने की जगह नहीं’, ट्रेनों में मची होड़
शनिवार सुबह से ही प्रयागराज जंक्शन, सिटी स्टेशन और छिवकी स्टेशन पर परीक्षार्थियों का आगमन शुरू हो गया था। लेकिन असली चुनौती पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद शुरू हुई। दोपहर बाद जंक्शन पर पूर्वांचल की ओर जाने वाले अभ्यर्थियों की भारी भीड़ जमा हो गई। वाराणसी, बलिया और छपरा की ओर जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस जब प्लेटफॉर्म पर पहुंची, तो वह पहले से ही ठसाठस भरी थी।
देखते ही देखते अभ्यर्थी चलती ट्रेनों में चढ़ने की कोशिश करने लगे। जान जोखिम में डालकर कई परीक्षार्थियों ने भागते हुए ट्रेन पकड़ी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी अमित मीना के नेतृत्व में जवानों ने अभ्यर्थियों को कतारबद्ध करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के दबाव के आगे सुरक्षा घेरे भी छोटे नजर आए।
रेलवे प्रशासन ने संभाला मोर्चा: चलाई गईं स्पेशल ट्रेनें
भीड़ की भयावह स्थिति को देखते हुए उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के आला अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) रजनीश अग्रवाल और एडीआरएम दीपक कुमार स्वयं वार रूम से स्थिति की निगरानी करते रहे।
प्रशासन द्वारा उठाए गए मुख्य कदम:
- स्पेशल ट्रेनों का संचालन: कानपुर और लखनऊ रूट पर अभ्यर्थियों की भारी संख्या को देखते हुए दो विशेष ट्रेनें तत्काल प्रभाव से चलाई गईं।
- फतेहपुर मेमू का विस्तार: अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए फतेहपुर मेमू ट्रेन का विस्तार प्रयागराज जंक्शन तक कर दिया गया ताकि स्थानीय रूट के यात्रियों को राहत मिल सके।
- आरक्षित कोचों में कब्जा: भीड़ इतनी अधिक थी कि संगम, नौचंदी, कालिंदी और चौरीचौरा जैसी प्रमुख ट्रेनों के आरक्षित (Sleeper/AC) कोचों में भी परीक्षार्थी घुस गए, जिससे नियमित यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रोडवेज बसों का भी बुरा हाल, ‘विद्या वाहिनी’ पर बढ़ी मुश्किलें
सिर्फ रेलवे ही नहीं, बल्कि सड़क परिवहन पर भी भारी दबाव देखा गया। पूर्वांचल के जिलों जैसे जौनपुर, गोरखपुर, वाराणसी और प्रतापगढ़ जाने वाली बसों के लिए अभ्यर्थियों की लंबी लाइनें लगी रहीं। प्रयागराज के ‘विद्या वाहिनी’ अस्थायी बस स्टेशन पर टिनशेड के नीचे हजारों अभ्यर्थी घंटों बसों का इंतजार करते नजर आए।
भीषण गर्मी और तेज धूप ने अभ्यर्थियों की परीक्षा और कठिन बना दी। क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि भीड़ को देखते हुए बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं और कई बसों को रिजर्व में रखा गया है। इसके बावजूद, बसों की छत पर और दरवाजों पर लटककर यात्रा करने वाले युवाओं की तस्वीरें प्रशासन की तैयारियों पर सवालिया निशान लगाती रहीं।
अगले दो दिन और चुनौतीपूर्ण
यूपी होमगार्ड परीक्षा अभी अगले दो दिनों तक जारी रहनी है। मंडल पीआरओ अमित कुमार सिंह के अनुसार, आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए रेलवे और रोडवेज प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा और परिवहन के पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया है। स्टेशन परिसर में अतिरिक्त पूछताछ काउंटर और सहायता केंद्र खोले गए हैं ताकि परीक्षार्थियों को सही जानकारी मिल सके।
अभ्यर्थियों का दर्द: “रोजगार की राह आसान नहीं”
स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे एक अभ्यर्थी ने बताया, “परीक्षा केंद्र तक पहुंचना और फिर वहां से वापस घर जाना, खुद में एक बड़ी परीक्षा है। ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं है और बसें घंटों बाद मिल रही हैं।” यह स्थिति उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी की गंभीरता और सरकारी नौकरियों के प्रति युवाओं के जुनून को भी दर्शाती है।
निष्कर्ष
UP Home Guard Exam 2026 के पहले दिन की अव्यवस्था ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बड़े स्तर की परीक्षाओं के लिए परिवहन विभाग को और अधिक माइक्रो-प्लानिंग की आवश्यकता है। हालांकि, प्रशासन ने अतिरिक्त ट्रेनें चलाकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया है, लेकिन अगले दो दिनों तक यह चुनौती बरकरार रहने वाली है।