Varanasi News: सीजेएम ने एसपी सिटी बदायूं के खिलाफ पूर्व पत्नी का खारिज किया प्रार्थनापत्र, पढ़ें- पूरा मामला
वाराणसी से जुड़ा यह मामला काफ़ी चर्चित रहा, जिसमें अदालत ने पुलिस अधिकारी के खिलाफ दायर शिकायत पर अहम फैसला दिया।क्या है पूरा मामला?
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) वाराणसी की अदालत में बदायूं के एसपी सिटी के खिलाफ उनकी पूर्व पत्नी ने प्रार्थनापत्र (शिकायत) दाखिल किया था। इसमें पति पर विभिन्न आरोप लगाए गए थे, जिनमें उत्पीड़न और अन्य व्यक्तिगत विवाद से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
अदालत ने क्या फैसला दिया?अदालत ने सुनवाई के बाद इस प्रार्थनापत्र को खारिज (dismiss) कर दिया।मुख्य कारण ये रहे:शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलेमामला ऐसा नहीं पाया गया कि उस पर आपराधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए
प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों में स्पष्टता और मजबूती का अभाव थाकानूनी आधारअदालत ने माना कि केवल आरोप लगाने से मामला दर्ज नहीं किया जा सकता, जब तक कि:प्रथम दृष्टया (prima facie) अपराध साबित न होआरोपों को समर्थन देने वाले ठोस प्रमाण मौजूद न होंअब आगे क्या?
शिकायतकर्ता (पूर्व पत्नी) चाहें तो इस फैसले को ऊपरी अदालत (सेशन कोर्ट/हाईकोर्ट) में चुनौती दे सकती हैंया नए साक्ष्य के साथ दोबारा याचिका दाखिल करने का विकल्प भी होता हैनिष्कर्षइस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि अदालतें किसी भी आपराधिक मामले में साक्ष्यों को सबसे ज्यादा महत्व देती हैं, और केवल आरोपों के आधार पर कार्रवाई नहीं करतीं।
