वाराणसी में गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा: 742 किमी दूर से आ रही थी ‘खेप’, 18 लाख के माल के साथ चार गिरफ्तार
वाराणसी। धर्मनगरी वाराणसी और आसपास के इलाके मादक पदार्थों के तस्करों के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनते जा रहे हैं। ओडिशा से बिना किसी रोकटोक के 742 किलोमीटर का सफर तय कर गांजे की खेप पूर्वांचल पहुँच रही है। मंगलवार को वाराणसी की सिगरा और रामनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तस्करी के इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया और कुल चार शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 41 किलो गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 18 लाख रुपये आंकी गई है।
केस 1: बोलेरो पिकअप में ओडिशा से आ रहा था 15 लाख का गांजा
सिगरा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक सफेद बोलेरो पिकअप, जिसमें भारी मात्रा में मादक पदार्थ है, कैंट ओवरब्रिज से महमूरगंज की ओर जा रही है। थाना प्रभारी संजय मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अमूल डेयरी पार्किंग के पास घेराबंदी की।
तलाशी के दौरान वाहन के भीतर दो सफेद बोरियों में 30 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसे 30 अलग-अलग पैकेटों में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने मौके से ओडिशा निवासी संतोष कुमार बेहरा (40) और रोहित साहू (48) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ओडिशा से सस्ते दामों पर गांजा खरीदकर वाराणसी में ऊँचे दामों पर बेचने आए थे।
केस 2: सूटकेस में भरकर ला रहे थे बिहार का गांजा
दूसरी बड़ी कार्रवाई रामनगर पुलिस और एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह की टीम ने की। बंदरगाह मोड़ के पास चेकिंग के दौरान एक बाइक पर सूटकेस लेकर खड़े दो संदिग्धों को रोका गया। सूटकेस की तलाशी लेने पर उसमें 11 किलो गांजा मिला।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुजीत कुमार (24) और राकेश कुमार सिंह (32) (निवासी चंदौली) के रूप में हुई है। ये तस्कर बिहार के सासाराम से गांजा लाकर वाराणसी के स्थानीय इलाकों में खपाने की फिराक में थे। बरामद माल की कीमत 3 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
बरामदगी का विवरण
- कुल गांजा: 41 किलोग्राम (अनुमानित मूल्य ₹18 लाख)
- गिरफ्तार अभियुक्त: 04 (संतोष बेहरा, रोहित साहू, सुजीत कुमार और राकेश सिंह)
- बरामद वाहन: एक बोलेरो पिकअप और एक मोटरसाइकिल।
- अन्य: तस्करी में प्रयुक्त मोबाइल फोन।
पुलिस की कार्रवाई
वाराणसी पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट (स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बुधवार को सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि 742 किमी के लंबे सफर के दौरान ये तस्कर कितनी पुलिस चौकियों से बचकर निकलने में सफल रहे और स्थानीय स्तर पर इनके खरीदार कौन-कौन हैं।