वाराणसी

काशी को ₹814 करोड़ की सौगात: 651 किमी लंबी पाइपलाइन से बुझेगी 3 लाख लोगों की प्यास, PM मोदी करेंगे शिलान्यास

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को बुनियादी ढांचे के मामले में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। ‘अमृत 2.0’ (Amrut 2.0) योजना के तहत काशी के 18 वार्डों और विस्तारित क्षेत्रों के लिए 814 करोड़ रुपये की भव्य पेयजल परियोजना को प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इस ऐतिहासिक परियोजना का शिलान्यास स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही करेंगे, जिससे शहर की करीब 3 लाख की आबादी को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।

क्या है इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य?

​वाराणसी के कई पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में वर्तमान में पेयजल की भारी समस्या है। कहीं पाइपलाइनें दशकों पुरानी होकर जर्जर हो चुकी हैं, तो कहीं पानी का दबाव (low voltage/pressure) इतना कम है कि ऊपरी मंजिलों तक पानी नहीं पहुंच पाता। इस नई योजना का लक्ष्य इन सभी बाधाओं को दूर करना और हर घर तक 24×7 शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

​यह परियोजना केवल पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक का एक बेजोड़ संगम है:

  • नेटवर्क का विस्तार: शहर के विभिन्न हिस्सों में कुल 651 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
  • भंडारण क्षमता: पानी के उचित दबाव और भंडारण के लिए 18 नए ओवरहेड टैंक (OHT) और 22 भूमिगत जलाशयों (CWR) का निर्माण किया जाएगा।
  • स्मार्ट निगरानी (SCADA तकनीक): पूरी प्रणाली को ‘स्काडा’ तकनीक से लैस किया जाएगा। इसके जरिए जल निगम के कंट्रोल रूम से ही लीकेज, पानी की बर्बादी और दबाव की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी।
  • कनेक्शन: इस योजना के तहत कुल 67,886 घरों को सीधे नए वाटर कनेक्शन से जोड़ा जाएगा।

वार्डवार बजट और कार्य का विवरण

​शासन ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए बजट का आवंटन इस प्रकार किया है:

क्षेत्र/वार्डस्वीकृत बजट (करोड़ में)पाइपलाइन की लंबाई
शिवपुरवा, तुलसीपुर, बिरदोपुर, काजीपुरा₹184.09112.17 किमी
दुर्गाकुंड, नरियां, सरायनंदन, भेलूपुर₹166.67251.92 किमी
शिवाला, नगवा, बघाड़ा, जंगमबाड़ी₹87.9594.77 किमी
हुकुलगंज, नई बस्ती₹45.9158.35 किमी
प्रह्लाद घाट, कृतिवाशेश्वर₹33.4434.44 किमी

इसके अतिरिक्त, ट्रांस वरुणा (लमही जोन), सूजाबाद और रामनगर के विस्तारित क्षेत्रों के लिए भी लगभग 263 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मेयर और नगर आयुक्त का विजन

​वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी ने इस परियोजना को शहर के लिए ‘वरदान’ बताया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के विजन के अनुरूप ‘हर घर जल’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में यह सबसे बड़ा कदम है।

​वहीं, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट किया कि शासन से पहली किस्त मिलते ही जल निगम ने धरातल पर काम शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद अगले कई दशकों तक वाराणसी में पानी की किल्लत नहीं होगी।

स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ते कदम

​वाराणसी अब केवल अपनी आध्यात्मिकता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी आधुनिक सुविधाओं के लिए भी जाना जा रहा है। 814 करोड़ की यह योजना न केवल दूषित जल की समस्या को खत्म करेगी, बल्कि सड़क खुदाई के बाद पाइपलाइन लीकेज के कारण होने वाली गंदगी से भी निजात दिलाएगी। स्काडा सिस्टम यह सुनिश्चित करेगा कि एक बूंद पानी भी व्यर्थ न जाए।

निष्कर्ष

​वाराणसी में जल ढांचे का यह कायाकल्प प्रधानमंत्री मोदी के ‘अमृत काल’ के संकल्पों को दर्शाता है। आने वाले समय में जब 651 किमी का यह जाल बिछ जाएगा, तब काशीवासियों को शुद्ध गंगा जल और स्वच्छ पेयजल के लिए पुरानी और जंग लगी पाइपलाइनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

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