वाराणसी

वाराणसी STF की बड़ी कार्रवाई: 50 हजार का इनामी डकैत शुभम सिंह लखनऊ से गिरफ्तार, चिड़ियाघर के पास से दबोचा

वाराणसी/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एसटीएफ (STF) की वाराणसी इकाई को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने मऊ जिले के कोपागंज क्षेत्र में एक सराफा व्यवसायी से हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश शुभम सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है।

लखनऊ के हजरतगंज से हुई गिरफ्तारी

​एसटीएफ वाराणसी इकाई को लंबे समय से शुभम सिंह की तलाश थी। सटीक मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की मदद से टीम को सूचना मिली कि आरोपी लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही एसटीएफ के निरीक्षक अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। शुक्रवार को लखनऊ चिड़ियाघर (Zoo) के पास घेराबंदी कर एसआई शाहजादा खां और एसआई विनय मौर्य की टीम ने संदिग्ध अवस्था में घूम रहे शुभम सिंह को धर दबोचा।

13 जनवरी की वो खौफनाक वारदात

​पूछताछ के दौरान आरोपी शुभम सिंह ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए 13 जनवरी 2026 को हुई वारदात का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दिया। शुभम ने बताया कि उसने अपने साथी विशाल के कहने पर इस डकैती की योजना बनाई थी। मऊ जिले के घोसी थाना क्षेत्र के पिंडवल मोड़ के पास उन्होंने एक सराफा व्यवसायी को अपना निशाना बनाया था।

​बदमाशों ने व्यवसायी को असलहे (बंदूक) के बल पर आतंकित किया और उससे सोने-चांदी के कीमती आभूषण लूट लिए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए थे।

लूट के माल का बंटवारा और फरार होने की कहानी

​गिरफ्तार आरोपी ने एसटीएफ को बताया कि इस डकैती में उसके साथ कई अन्य साथी भी शामिल थे। इनमें बिलरियागंज का रहने वाला मोनू यादव, मोहम्मदाबाद का विशाल, शिवम सोनकर और राहुल यादव मुख्य भूमिका में थे।

​वारदात के बाद लूटे गए आभूषणों को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी मोनू यादव ने ली थी। मोनू ने सभी गहनों को बेच दिया और उससे मिली मोटी रकम को गैंग के सभी सदस्यों ने आपस में बांट लिया। शुभम ने बताया कि गिरफ्तारी के डर से वह मऊ छोड़कर लखनऊ भाग आया था और पहचान छिपाकर रह रहा था।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

​डिप्टी एसपी शैलेश प्रताप सिंह के अनुसार, शुभम सिंह एक शातिर अपराधी है। वह मऊ जिले के गोहना मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के अन्नूपार गांव का निवासी है। उसके खिलाफ मऊ और आसपास के जिलों में डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट के कई मामले पहले से ही दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी न होने के कारण पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

बाकी साथियों की तलाश तेज

​एसटीएफ की पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। शुभम के बयान के आधार पर पुलिस अब इस डकैती में शामिल अन्य आरोपियों—मोनू यादव, विशाल, शिवम और राहुल—की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। एसटीएफ का दावा है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्य भी सलाखों के पीछे होंगे।

निष्कर्ष

​सराफा व्यापारियों में इस गिरफ्तारी के बाद राहत की लहर है। वाराणसी एसटीएफ की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिप जाए, कानून के हाथ उन तक पहुंच ही जाते हैं। फिलहाल आरोपी शुभम सिंह के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

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