जालौन में रूह कंपा देने वाली वारदात: 17 साल के किशोर की हत्या कर पशुबाड़े में दफनाया, फिर मां से मांगी 30 लाख की फिरौती
जालौन (उरई)। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ दोस्ती और इंसानियत को शर्मसार करते हुए दो युवकों ने अपने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने न केवल किशोर को मौत के घाट उतारा, बल्कि उसके शव को एक पशुबाड़े में दफन कर दिया और परिजनों से 30 लाख रुपये की फिरौती की मांग भी की। बुधवार को पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर किशोर का कंकाल बरामद कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना माधवगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है। मृतक किशोर (17 वर्ष) ने इसी साल 12वीं की परीक्षा दी थी। परिजनों के अनुसार, 25 मार्च को किशोर को पता चला कि उसके छोटे भाई के साथ गांव के ही कुछ युवकों (रोहित याज्ञिक, तेज प्रताप आदि) ने अनैतिक कार्य (कुकर्म) किया है। इसी बात का उलाहना देने वह आरोपियों के घर गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
कत्ल के बाद मांगी 30 लाख की फिरौती
आरोपियों ने 25 मार्च को ही किशोर के सिर पर कांच की बोतल मारकर उसकी हत्या कर दी थी। शव को ठिकाने लगाने के लिए उन्होंने उसे बोरे में बंद कर रोहित के पशुबाड़े में दफना दिया। शातिर आरोपियों ने अगले दिन मृतक के ही मोबाइल से उसकी मां को मैसेज भेजा— “अगर बेटा सही सलामत चाहिए तो 30 लाख रुपये ले आओ, पुलिस को बताया तो छोटे बेटे को भी उठा लेंगे।”
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस मामले में पुलिस की भारी लापरवाही सामने आई है। पीड़ित पिता का आरोप है कि:
- 26 मार्च को गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई।
- फिरौती के मैसेज की जानकारी देने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
- आरोप है कि एक दरोगा बेटे को खोजने के नाम पर पैसे की मांग करता रहा। जब परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) पर शिकायत की, तब जाकर पुलिस प्रशासन जागा और सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुँचा।
गांव में भारी आक्रोश और हंगामा
बुधवार को जब पुलिस टीम आरोपियों को लेकर पशुबाड़े पहुँची और खुदाई कर किशोर का कंकाल निकाला, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव वालों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा ने मौके पर पहुँचकर परिजनों को सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
पुलिस का पक्ष
एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी रोहित याज्ञिक और तेज प्रताप सिंह को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि स्थानीय पुलिस स्तर पर क्या लापरवाही हुई है। यदि कोई दोषी पाया गया, तो उस पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख बिंदु:
- वारदात की तारीख: 25 मार्च 2026।
- हत्या का कारण: छोटे भाई के साथ हुए कुकर्म का विरोध करना।
- आरोपी: रोहित याज्ञिक और तेज प्रताप सिंह (हिरासत में)।
- बरामदगी: पशुबाड़े से किशोर का कंकाल।
- लापरवाही: 1076 पर शिकायत के बाद शुरू हुई जांच।