कानपुर में अग्नितांडव: ईदगाह चौराहे के पास गैराज में भीषण आग, धमाकों के साथ 30 फीट ऊंची उठीं लपटें; 6 कारें और 4 घर खाक
भूमिका
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शहर के बजरिया थाना क्षेत्र स्थित ईदगाह चौराहे के पास एक कार गैराज में शुक्रवार रात भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि इसकी चपेट में आकर न केवल आधा दर्जन कारें जल गईं, बल्कि पास की गूदड़ बस्ती के चार मकान भी इसकी जद में आ गए। धमाकों की गूंज और आसमान छूती लपटों ने इलाके में दहशत फैला दी।
शॉर्ट सर्किट बना तबाही का कारण
मिली जानकारी के अनुसार, ईदगाह चौराहे से ब्रह्मनगर जाने वाली सड़क पर स्थित ‘जनता मोटर्स रिपेयरिंग सेंटर’ में रात करीब 11 बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से चिंगारी उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बगल में स्थित ‘सनराइज मोटर्स रिपेयरिंग सेंटर’ को भी अपनी चपेट में ले लिया। गैराज में रखे ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैली।
30 फीट ऊंची लपटें और जोरदार धमाके
चश्मदीदों के मुताबिक, आग लगने के कुछ ही देर बाद गैराज के अंदर खड़ी कारों की टंकियां फटने लगीं। एक के बाद एक हुए जोरदार धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा। लपटें 30 से 35 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गईं, जिससे पीछे स्थित गूदड़ बस्ती के मकानों में आग लग गई। बस्ती के लगभग 250 परिवारों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सड़कों पर निकल आए।
बस्ती में भारी नुकसान
आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि गूदड़ बस्ती निवासी चंदा, सोमवती, बती देवी और बेबी के पक्के मकानों की छतों पर रखा हजारों का सामान जलकर राख हो गया। गनीमत यह रही कि समय रहते लोग घरों से बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
दमकल की 8 गाड़ियों ने पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही सीसामऊ एसीपी और पांच थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत रास्तों को सील किया ताकि दमकल की गाड़ियां आसानी से पहुंच सकें। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) दीपक शर्मा के नेतृत्व में 8 दमकल गाड़ियों ने मोर्चा संभाला। करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
टल गया बड़ा हादसा: बाहर निकाले गए हाइड्रोजन सिलिंडर
सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि अगर समय रहते बचाव कार्य शुरू न होता, तो हादसा और बड़ा हो सकता था। गैराज के अंदर वेल्डिंग के काम में इस्तेमाल होने वाले कई हाइड्रोजन सिलिंडर रखे थे। दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर इन सिलिंडरों को आग की पहुंच से बाहर निकाला। यदि सिलिंडरों में विस्फोट होता, तो पूरी बस्ती इसकी चपेट में आ सकती थी।
नुकसान का विवरण
| संपत्ति का प्रकार | नुकसान का विवरण |
|---|---|
| कारें | 06 (पूरी तरह जलकर खाक) |
| दुकानें/गैराज | 02 (जनता मोटर्स और सनराइज मोटर्स) |
| मकान | 04 (गूदड़ बस्ती के घर) |
| जनहानि | कोई नहीं |
निष्कर्ष
कानपुर का यह अग्निकांड एक बार फिर कमर्शियल इलाकों में फायर सेफ्टी और शॉर्ट सर्किट के खतरों की ओर इशारा करता है। हालांकि, दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से एक बड़ी त्रासदी होने से बच गई। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहे हैं।