UP: रबी फसलों की खरीद में सुस्ती, केंद्रों पर धीमी कार्यप्रणाली… खफा कृषि मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह ने कृषि भवन स्थित सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान रबी फसलों की खरीद व्यवस्था, मूल्य समर्थन योजना, बीज वितरण और सिंचाई योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंत्री ने खरीद एजेंसियों की धीमी कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश जारी किए।
मूल्य समर्थन योजना (MSP) के तहत चल रही खरीद प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में संचालित क्रय केंद्रों को अधिक सक्रिय और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 280 क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जिनसे अब तक हजारों किसान लाभान्वित हो चुके हैं।
बैठक के दौरान मंत्री ने नैफेड, एनसीसीएफ सहित राज्य की विभिन्न खरीद एजेंसियों (यूपीपीसीएफ, यूपीपीसीयू आदि) को निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से दलहन और तिलहन फसलों के लक्ष्य पर जोर देते हुए मसूर, सरसों, चना और अरहर की खरीद में गति लाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने बताया कि मसूर, सरसों, चना और अरहर जैसी फसलों के लिए निर्धारित उत्पादन एवं खरीद लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) का भी उल्लेख किया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत प्रदेश में अब तक लाखों सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को सिंचाई सुविधा में बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2024-25 में भी हजारों सोलर पंपों की स्थापना का लक्ष्य पूरा किया गया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक समय पर पहुंच सके।